साइकिल एकेडमी पर कोरोना का ताला, अनलॉक का इंतजार

साइकिल एकेडमी पर कोरोना का ताला, अनलॉक का इंतजार

By: Atul Acharya

Published: 04 Aug 2021, 06:33 PM IST

बीकानेर. प्रदेश के साइक्लिस्टिों को प्रशिक्षण देकर तैयार करने के लिए बीकानेर में खोली गई साइकिल एकेडमी दो साल से बंद पड़ी है। कोरोना की पहली लहर में एकेडमी में रहने वाले आवासीय खिलाडि़यों को वापस उनके घर भेज दिया गया। इसके बाद साल २०२०-२१ और अब २०२१-२२ के सत्र के लिए खिलाडि़यों का चयन ही नहीं किया गया है। अब चालू सत्र में भी अभी तक प्रदेश स्तर पर खिलाडि़यों का चयन ट्रायल नहीं हुआ है।


तीस सीट, १५ ही प्रवेश
साइक्लिंग एकेडमी खोलने की घोषणा राज्य सरकार ने बजट २०१८ में की। साल २०१८-१९ के लिए ऊर्जावान खिलाडि़यों का प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया। कुल ३० सीट तय की गई लेकिन बीकानेर में एकेडमी संचालित करने के लिए खिलाडि़यों की आवासीय व्यवस्था आदि का स्थाई बंदोबस्त नहीं हो पाया। करणीसिंह स्टेडियम में एकेडमी के आधारभूत ढांचे को खड़ा करने का प्रस्ताव भेजा गया। साथ ही शुरुआत के लिए किराया का भवन लेकर उसमें खिलाडि़यों को आवासीय सुविधा देकर प्रशिक्षण शुरू किया गया। कुल १५ खिलाडि़यों के लिए ही व्यवस्था हो पाई। बाद में सत्र २०१९-२० में ११ खिलाड़ी एकेडमी में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करते रहे।


खाली करवा दिया भवन
वर्ष 2018 में गांधी कॉलोनी स्थित एक किराए के भवन में एकेडमी शुरू कर आवासीय सुविधा दी गई। कोरोना के चलते खेल गतिविधियों पर रोक लगने पर साल २०२० में सरकार ने भवन खाली करने के आदेश दे दिए। फिर इस साल अप्रेल में एकेडमी को पुन: शुरू करने के लिए किराया के भवन आदि की तलाश शुरू की गई। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आ गई। फिलहाल जिला खेल अधिकारी के डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में ही एकेडमी का ठिकाना है।


यूं तराशते है खिलाड़ी
साइक्लिंग एकेडमी में १३ से १६ साल के खिलाडि़यों को तराशने के लिए प्रदेश स्तर पर चयन ट्रायल होता है। चयनित खिलाड़ी को रहने, खाने, डाइट के साथ उपकरण और प्रशिक्षण के लिए कोच आदि की सुविधा एकेडमी में मिलती है। जिसका खर्च राज्य सरकार वहन करती है। चयनित खिलाडि़यों की प्रफोर्मेंस के आधार पर उनका प्रशिक्षण आगे बढ़ाया जाता है।


नए वेलोड्रम से मिलेगा फायदा
डॉ करणी सिंह स्टेडियम में स्थित साइक्लिंग वेलोड्रम पिछले कई सालों से टूटा पड़ा है। जिसके चलते खिलाडिय़ों को काफ ी परेशानी होती है। महाराजा गंगासिंह विश्विद्यालय में एक नया साइकिल वेलोड्रम बन रहा है। इससे खिलाडिय़ो को काफ ी फ ायदा मिलने की उम्मीद है। अभी साइक्लिंग ट्रेक के अभ्यास करने के लिए जयपुर जाना पड़ता है।

एकेडमी की उपलब्धि
एकेडमी खुलने के बाद यहां के एक खिलाड़ी ने नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। वही राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता में एकेडमी के 3 खिलाडिय़ों ने पदक प्राप्त किए थे।

सरकार के आदेश का इंतजार
सरकार के आदेश के बाद एकेडमी के खिलाडि़यों के चयन की स्पद्र्धा का आयोजन किया जाएगा। चयन ट्रायल में निर्धारित सीटों के अनुसार खिलाडियों की वरीयता के हिसाब से एडमिशन दिए जाएंगे।
-कपिल मिर्धा, जिला खेल अधिकारी


उम्मीद जल्द शुरू हो
उम्मीद करते है यह एकेडमी वापस जल्द से जल्द शुरू होगी। इससे आगामी होने वाली प्रतियोगिताओं में जूनियर खिलाडिय़ों को काफ ी फ ायदा मिलेगा।
- किशन कुमार पुरोहित,पूर्व संयुक्त सचिव, भारतीय साइक्लिंग महासंघ

खिलाडिय़ों को अवसर मिलेगा
साइक्लिंग एकेडमी का संचालन कोरोना के चलते बंद है। हालात सामान्य होते ही इसे फिर से शुरू किया जाएगा। उम्मीद करते है कि जल्द से जल्द एकेडमी वापस शुरू होगी। ताकि खिलाडिय़ों को अवसर मिल सके।
-श्रवण कुमार भाम्भू, साइक्लिंग कोच

Atul Acharya Reporting
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