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अब मर्जी से नहीं रोक पाएंगे नामांतरण, रोका तो ऑटो म्यूटेशन पर आगे बढ़ जाएगी फाइल

locationबीकानेरPublished: Dec 19, 2023 01:02:32 am

Submitted by:

Hari Singh

राजस्व विभाग: सरकार की किसानों व आमजन को बड़ी सौगात, अपने आप हो जाएगा रजिस्ट्रेशन

अब मर्जी से नहीं रोक पाएंगे नामांतरण, रोका तो ऑटो म्यूटेशन पर आगे बढ़ जाएगी फाइल
अब मर्जी से नहीं रोक पाएंगे नामांतरण, रोका तो ऑटो म्यूटेशन पर आगे बढ़ जाएगी फाइल

बज्जू. राजस्व विभाग में नामांतरण को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटने से लोगों को अब राहत मिलेगी। सरकार एवं विभाग ने नामांतरण प्रक्रिया को ऑनलाइन करते हुए इसे ऑटो मोड पर कर दिया है। अब पटवारी पांच दिन से ज्यादा किसी का नामांतरण और रजिस्ट्री को नहीं रोक पाएंगे।

तहसीलदार को भी सात दिन में निस्तारण करना होगा। इससे ज्यादा रोका तो फाइल ऑटोमेटिक स्वीकृत होकर आगे बढ़ जाएगी। उल्लेखनीय है कि कृषि अथवा व्यावसायिक भूमि के नामांतरण भरने की एवज में रिश्वत मांगने पर एसीबी के हाथों ट्रैप की कार्रवाई के मामले अक्सर सामने आते हैं। प्रदेश में जिला स्तर पर सतर्कता समितियों में भी सबसे ज्यादा शिकायतें भूमि का नामांतरण करने में आनाकानी की होती है।

नई व्यवस्था से जमीन खरीदने, बेचने और पैतृक जमीन में नाम जोडऩे का काम अब आसान हो गया है। अब पटवारी से लेकर सरपंच और तहसीलदार को 32 दिन में निस्तारण करना होगा, अन्यथा फाइल ऑटोमेटिक स्वीकृत हो जाएगी। ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए निबंधक, राजस्व मंडल द्वारा पटवारी, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, सरपंच और ग्राम पंचायत की एसएसओ आईडी का ई-धरती सॉफ्टवेयर पर मैपिंग करवाया गया है। सभी ऑनलाइन तहसीलों में इस सिस्टम को लागू कर दिया गया है।

दस्तावेज करने पड़ेंगे अपलोड
आवेदक अपना खाता पोर्टल या ई-धरती पर दस्तावेज अपलोड करेगा, जो संबंधित पटवार मंडल के पटवारी की आईडी पर प्रदर्शित होंगे। रजिस्ट्रेशन के पांच दिन के अंदर पटवारी को सभी दस्तावेजों की जांच कर सरपंच की आईडी पर फॉरवर्ड करना होगा। आवेदन की फाइल पेंडिंग रहती है, तो पांच दिन बाद फाइल ऑटोमेटिक स्वीकृत होकर ग्राम पंचायत के सरपंच की आईडी पर फॉरवर्ड हो जाएगी। सरपंच के पास निस्तारण के लिए 20 दिन का समय होता है। सरपंच 20 दिन तक फाइल निस्तारण नहीं करता है तो वह स्वत: ही स्वीकृत होकर तहसीलदार की आईडी पर फॉरवर्ड हो जाएगी।

पटवारी करेगा दस्तावेजों की जांच
दस्तावेज अपलोड करने के बाद पटवारी दस्तावेज की जांच करेगा। कोई कमी होने पर पटवारी कमेंट कर आवेदन को पुन: आवेदक को वापस भेजगा। सभी दस्तावेज पूर्ण होने पर पटवारी को फाइल अप्रूव कर सरपंच की आईडी पर फॉरवर्ड करना होगा। आवेदक की ओर से सभी औपचारिकता पूरी होने के बाद किसी भी स्तर पर काम को रोका नहीं जा सकेगा। उधर, सब रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से भी कृषि भूमि की रजिस्ट्री करने के दौरान सभी दस्तावेज स्कैन कर संबंधित तहसील कार्यालय को हार्डकॉपी भेजी जाती है। राजस्व विभाग की ओर से रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत होने वाले दस्तावेज को ऑनलाइन तहसील कार्यालय में भेजने के आदेश हैं। अभी नए आदेश में ऑनलाइन म्यूटेशन दर्ज करने के लिए पटवारी से लेकर तहसीलदार तक की भूमिका के साथ समय सीमा भी निर्धारित की है। इसकी पालना के लिए सभी को निर्देशित किया गया है।

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