लावारिशों का वारिसों की तरह करते हैं अंतिम संस्कार

तीन महीने में २७ का करवा चुके अंतिम संस्कार

By: Jaiprakash

Published: 08 Jul 2020, 11:43 AM IST

बीकानेर। आज के समय में हिंदू और मुसलमान के बीच तकरार की खबरें देखने और सुनने को मिलती है, वहीं बीकानेर के एक ऐसे व्यक्ति है जो जिंदा की बात को छोड़ दीजिए। शवों में भी धर्म और मजहब का अंतर नहीं देखते।

सार्दुल कॉलोनी निवासी ५२ वर्षीय आदर्श शर्मा एक जिंदादिल इंसान है जो सामाजिक कार्यकर्ता के साथ-साथ नगर निगम में पार्षद है लेकिन वे लावारिश शवों की इज्जत के साथ अंत्येष्टि करने में कोई कोताही नहीं बरतते। पिछले १५ से लावारिश शवों का बड़े अदब से अंतिम संस्कार करवा रहे हैं। अभी तीन साल से जिला प्रशासन ने इनकी संस्था को अंतिम संस्कार कराने के लिए अधिकृत कर रखा है। इतना ही नहीं अब तो शहर क्या जिले में कहीं भी कोई लावारशि शव मिलता है तो सबसे पहले उनके पास फोन आता है।


शर्मा पिछले ३१ सालों से सामाजिक सेवा में जुड़े हैं। १५ साल से लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करवा रहे हैं। यह कार्य वह निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं। लावारिश शव के अंतिम संस्कार की प्रेरणा उन्हें १५-१६ साल पहले मिली। जब उन्हें एक मित्र ने किसी बीमार महिला की सूचना दी, जिन्हें उन्होंने पीबीएम में भर्ती कराया और इला के दौरान उसकी मौत हो गई। वह लावारिश थी, उसका पहला अंतिम संस्कार करवाया। उसके बाद से लावारशि शव को अंतिम संस्कार करवा रहे हैं। शर्मा लॉकडाउन के बाद से अब तक तीन महीने में २७ लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करवा चुके हैं।

तीन साल पहले बनाई संस्था
सर्वसमाज कल्याण व विकास समिति नाम से संस्था बनाई। इस रजिस्टर्ड संस्था को जिला प्रशासन ने पिछले तीन साल से लावारिश शवों का अंतिम संस्कार कराने के लिए अधिकृत कर रखा है। संस्था को प्रति शव अंतिम संस्कार के करीब पांच हजार रुपए दिए जाते हैं।

- बीकानेर पुलिस थाना जीआरपी में तीन, नोखा व देशनोक में एक-एक लावारिश शव
- सदर थाना क्षेत्र में मार्च व अप्रेल में एक और जून में दो
- जेएनवीसी मोदी डेयरी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर मौत, खान कॉलोनी में नवजात का शव मिला
- गंगाशहर थाना क्षेत्र में रेल से कटा युवक
-कोटगेट थाना क्षेत्र में २२ अप्रेल को जीवन बीमा निगम कार्यालय एवं तीन जून को तुलसी सर्किल के पास शव मिला
- लूणकरनसर थाना क्षेत्र में २५ मई को मिला अज्ञात शव
- बीछवाल थाना क्षेत्र २५ अप्रेल को मिला था अज्ञात शव
- जामसर थाना क्षेत्र में दो मई को बंद फैक्ट्री में शव मिला


मन को मिलता है शुकून
लावारिश शव को अंतिम संस्कार करवाकर मन का शुकून मिलता है। पहले इस कार्य में जन सहयोग से करता था। तीन साल से जिला प्रशासन ने अधिकृत किया है। अब अंतिम संस्कार करने पर प्रति शव निर्धारित राशि मिलती है लेकिन एकबार खुद का खर्च करने पड़ते हैं।
आदर्श शर्मा, पार्षद एवं अध्यक्ष सर्वसमाज कल्याण व विकास समिति

Jaiprakash Reporting
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