दो पक्षों में लाठी-भाटा जंग, एक दर्जन लोग घायल

Atul Acharya | Publish: May, 13 2019 10:36:16 AM (IST) Bikaner, Bikaner, Rajasthan, India

रविवार दोपहर में दोनों पक्ष हुए आमने-सामने

 

नोखा. कस्बे के वार्ड १० में स्थित वाल्मिकी बस्ती में मामूली कहासुनी को लेकर रविवार को विवाद इतना बढ़ गया कि दो पक्ष आमने-सामने हो गए और उनमें खूनी संघर्ष हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक हुए लाठी-भाटा जंग में दर्जनभर लोग घायल हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को गाड़ी में बैठाकर भीड़ को खदेड़ते हुए मामला शांत कराया।वहीं मौके पर व्याप्त तनाव को देखते हुए वहां पर पुलिस जाब्ता भी तैनात किया। घायलों में तीन लोगों को ज्यादा चोटें आई हैं, इसमें एक युवक के सिर में चोट के कारण उसे बीकानेर रेफर किया गया है।

 

 

वहीं अन्य चोटिल लोगों का बागड़ी अस्पताल में इलाज करवाया गया। पुलिस ने इस मामले में उपद्रव मचाने वाले आधा दर्जन से अधिक लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। वहीं दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के साथ मारपीट करने के परस्पर मामले भी थाने में दर्ज कराए गए हैं।

 

 

इस तरह हुआ घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार नगर पालिका के जमादार जयराम की शनिवार को ड्यूटी के दौरान कुछ सफाई कर्मियों से गर्मागर्मी हुई थी। इसी बात को लेकर मामला तूल पकड़ गया और देर रात को आपस में झगड़ा हो गया। लेकिन तेज अंधड़ व बारिश आने के कारण उस समय तो मामला जैसे-तैसे शांत हो गया। रविवार को सुबह फिर से यह मामला गर्मा गया और दोपहर में वाल्मिकी समाज के दो पक्ष आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला बोल दिया। लाठी-भाटा जंग में दर्जनभर पुरुष और महिलाएं घायल हो गई। दोनों पक्ष एक समाज व परिवार के लोग हैं।

 

 

ये हुए चोटिल
पुलिस के मुताबिक दोनों पक्षों में बीकानेर के इंद्रा कॉलोनी निवासी अरूण (३०) पुत्र त्रिलोकचंद, वाल्मिकी बस्ती निवासी शांति (५०) पत्नी दीपाराम, मुकमल (२७) पुत्र पपूराम, जयराम (३७) पुत्र त्रिलोक, सिकंदर (३०) पुत्र रामस्वरूप, सत्यनारायण (४०) पुत्र त्रिलोकचंद, मनीष (२०) पुत्र मंगलचंद वाल्मिकी घायल हुए हैं। वहीं सरिता, चंदा, मैना, सुनिता, प्रियंका, रामचंद्र, पप्पूराम आदि को भी चोटें आई हैं। इसमें अरुण के सर में कुल्हाड़ी से वार करने पर ज्यादा चोट होने पर उसे बीकानेर रेफर किया गया है।

 

 

पुलिस पर लापरवाही का आरोप
इस घटनाक्रम को लेकर पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया गया है। पूर्व पालिकाध्यक्ष डॉ. सीताराम पंचारिया ने कहा कि शनिवार की रात को झगड़ा हुआ, तो उन्होंने थाने में सूचना दी थी। लेकिन तेज अधड़-बारिश के कारण मामला शांत होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस रात को ही मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करती, तो शायद रविवार को खूनी संघर्ष नहीं होता। वहीं शनिवार को जमादार जयराम ने अपने साथ हुए घटनाक्रम के बाद नगर पालिका पहुंचकर पालिका प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया था। उसके बाद पालिका प्रशासन ने मामला दर्ज करने के लिए थाने में रिपोर्ट भिजवाई थी। पुलिस इस रिपोर्ट को दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करती, तो शायद यह खूनी संघर्ष रुक सकता था।

 

 

शांतिभंग के आरोप में आधा दर्जन गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लोगों को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
सीआई भगवानसहाय मीणा ने बताया कि वार्ड १० के वाल्मिकी बस्ती निवासी पपूराम पुत्र अखाराम, त्रिलोकचंद पुत्र डूंगरराम, मुकमल पुत्र पपूराम, जयराम पुत्र त्रिलोकचंद, सत्यनारायण पुत्र त्रिलोकचंद श्यामलाल पुत्र श्रीराम वाल्मिकी को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned