कर्मचारियों से वसूली, उचित मूल्य दुकानदारों पर मेहरबान अफसर

bikaner news - Recovery from employees, clemency at fair price shopkeepers

By: Jaibhagwan Upadhyay

Published: 11 Mar 2021, 05:39 PM IST

रसद विभाग में गडबड़झाला, आरोप सिद्ध होने के बावजूद नहीं होती वसूली
जयभगवान उपाध्याय
बीकानेर.
गरीबों का राशन उठाने वाले सरकारी कार्मिकों से भले ही रसद विभाग वसूली कर रहा है, लेकिन जिले के उचित मूल्य दुकानदारों पर विभाग के अधिकारी मेहरबान है।

भ्रष्टाचार में लिप्त और घोटालों का पर्दाफाश होने के बावजूद आरोपी उचित मूल्य दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। अब इसे विभाग के अधिकारियों की अनदेखी कहें या फिर मिलीभगत जिले आरोपी उचित मूल्य दुकानदारों के हौंसले बढ़ते ही जा रहे हैं, वे आधार सीडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य को भी धत्ता बता रहे हैं।


वसूली पर एक नजर
रसद विभाग की सरकारी कार्मिकों से की गई वसूली पर नजर डालें तो अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक की वसूली करीब आठ सौ कार्मिकों से की जा चुकी है। विभाग ने करीब 17 सौ सरकारी कार्मिकों को गरीबों का राशन उठाने के आरोप में नोटिस थमाए थे, जिनमें से नौ सौ कार्मिकों ने अभी तक राशन का भुगतान नहीं किया है। जिला कलक्टर ने हाल ही में रुपए जमा नहीं करवाने वाले सरकारी कार्मिकों की तनख्वाह से रुपए काटने के निर्देश दिए हैं। कार्मिकों से २७ रुपए प्रति किलो के हिसाब से जुर्माने की राशि वसूली जा रही है।


उचित मूल्य दुकानदारों के कारनामे
अब उचित मूल्य दुकानदारों के कारनामों पर नजर डालें तो उन्होंने राशन की हेराफेरी और घोटाले करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घोटालों में मसगूल उचित मूल्य दुकानदारों ने इस कदर राशन घोटाले किए कि उन्हें समय का अभास भी नहीं रहा। सुबह चार बजे उठकर राशन वितरण करना वितरण करना और राशन का उठाव करना भले ही असंभव लगता हो, लेकिन यहां के दुकानदारों ने वह भी कर दिखाया।

बीकानेर के उचित मूल्य दुकानदार सुनील कुमार के वितरण आंकड़े देखें तो इनकी पोस मशीन संख्या 20275 से वर्ष 2017 में सुबह साढ़े चार से साढ़े छ: बजे तक यानी दो घंटे में 35 क्विंटल 95 किलो गेहूं का वितरण 167 राशन कार्डों में दर्शाया गया है। आरोपी उचित मूल्य दुकानदार के खिलाफ शिकायतें भी हुई, लेकिन वसूली के नाम पर विभाग के अधिकारियों ने किन्नी काट ली। इसी प्रकार उचित मूल्य दुकानदार जितेन्द्र सिंह (पोस मशीन संख्या २०४४७) द्वारा झारखंड के व्यक्तियों को राशन मुहैया करवाना, उचित मूल्य दुकानदार घनश्याम पारीक (पोस मशीन संख्या- २०४१५) के राशन वितरण आंकड़ों में भी सैंकड़ों क्विंटल राशन सुबह छह बजे से वितरण होना पाए जाने के बावजूद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं जिन दुकानदारों के खिलाफ विभाग ने पुलिस में एफआइआर दर्ज करवा दी थी, उनके खिलाफ भी वसूली से जुड़े नोटिस जारी नहीं किए गए।


राज्य स्तरीय दल ने किया था खुलासा
बीकानेर में बड़े पैमाने पर हो रहे राशन घोटाला की खबरें राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद राज्य स्तरीय दल ने बीकानेर में जांच की थी। जांच दल में शामिल अधिकारियों ने बीकानेर में राशन घोटाला करने वालों की प्रतिस्पद्र्धा को देख दांतों तले उंगली दबा ली थी। उन्होंने बीकानेर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जाकर राशन घोटालों का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि नाल गांव के उचित मूल्य दुकानदार द्वारा बीकानेर में राशन वितरण करने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी।

Jaibhagwan Upadhyay Reporting
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