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बीकानेर. माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में होने वाले समान कार्य अब एक ही कार्यालय में होंगे। सरकार में इसकी कवायद चल रही है।
साथ ही माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय का एकीकरण भी हो सकता है। हालांकि अभी तक इसका संयुक्त नाम तय नहीं किया गया है। एकीकरण आचार संहिता के हटने व लोकसभा चुनाव के बाद होने की संभावना है।
इसके लिए शिक्षा विभाग ने कमेटी का गठन भी कर दिया है। इसमें विशिष्ट शासन सचिव प्रदीप कुमार बोरड़ की अध्यक्षता में १० सदस्य बनाए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक भी इसके सदस्य हैं।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में विधि के काम अलग-अलग हो रहे हैं।
इससे काम की पुनरावृत्ति हो रही है। इसी काम को सुदृढ़ करने के लिए निदेशालय में विधिक काम को अलग करने पर चर्चा की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक व प्रारंभिक कार्यालय को लोकसभा चुनाव बाद मर्ज किया जा सकता है।
वर्तमान में जयपुर व जोधपुर में प्रारंभिक व माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में विधि शाखा में सुदृढ़ीकरण किया जा सकता है। प्रारंभिक शिक्षा में अधिकतर काम माध्यमिक शिक्षा से होने लगे हैं, जिससे प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धीरे-धीरे काम खत्म कर रहे है।
बंद हो सकता है प्राजिशि अधिकारी कार्यालय
इन दिनों शिक्षा विभाग में चर्चा है कि जयपुर और जोधपुर के प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को बंद किया जा सकता है। विभाग का सारा काम माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दिया जा सकता है। इससे पहले शिक्षा विभाग ने रमसा व एसएसए को एक कर समसा का गठन किया था। इसके सफल संचालन के बाद सरकार व विभाग नया कदम उठा सकती है।
जयपुर में बैठक आज
माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और जिशिअ कार्यालय के सुदृढ़ीकरण के लिए मार्च में प्रस्ताव मांगे थे। इसके लिए मंगलवार को जयपुर में कमेटी की बैठक होगी। बैठक में यह चर्चा की जाएगी कि कौन से सेक्शन को एक किया जा सकता है।
नथमल डिडेल, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा बीकानेर
Updated on:
23 Apr 2019 11:38 am
Published on:
23 Apr 2019 11:38 am
