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भीषण गर्मी ने फेरा किसानों के सपनों पर पानी, कर्ज में डूबे काश्तकार

Bikaner News : महाजन क्षेत्र में कृषि कुओं व नहर से सिंचाई कर फसल उत्पादन करने वाले काश्तकार इस बार मौसम की प्रतिकूलता के कारण परेशान हैं। दो बार नरमे की बुवाई करने के बाद भी भूमि के अन्दर गर्मी अधिक होने से पौध बाहर नहीं निकल पाई है।

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Bikaner News : महाजन क्षेत्र में कृषि कुओं व नहर से सिंचाई कर फसल उत्पादन करने वाले काश्तकार इस बार मौसम की प्रतिकूलता के कारण परेशान हैं। दो बार नरमे की बुवाई करने के बाद भी भूमि के अन्दर गर्मी अधिक होने से पौध बाहर नहीं निकल पाई है। पिछले एक पखवाड़े से पड़ रही तेज गर्मी व लू ने फसल को तबाह कर दिया है।

गौरतलब है कि इस बार हाड़ी के सीजन में बारिश नहीं होने से भूमि के अन्दर गर्मी कम नहीं हो पाई। महाजन क्षेत्र के शेरपुरा, ढाणी खोडां, छिल्लां, सूंई, जैतपुर, साबणिया, ढाणी छिपलाई सहित अन्य गांवों में कृषि कुओं व नहर से भूमि को हरा-भरा करने वाले किसानों ने सैकड़ों बीघा भूमि में नरमे की बुवाई की थी, लेकिन अधिकांश खेतों में तेज गर्मी के कारण नरमे की कोंपल भी नहीं फूट पाई। तापमान अधिक होने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। रही-सही कसर आंधियों व लू ने पूरी कर दी है। किसानों ने कुछ समय इंतजार करने के बाद एक बार फिर बुवाई की, लेकिन फिर भी निराशा ही हाथ लगी। समय पर सिंचाई पानी भी उपलब्ध नहीं होने व गत एक पखवाड़े से पड़ रही तन झुलसाने वाली गर्मी से फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी है।

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महज 30 प्रतिशत ही हुई बुवाई
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार भीषण गर्मी व हीटवेव के कारण क्षेत्र में नरमा की सिर्फ 30 प्रतिशत ही बुवाई हो सकी है। इस बुवाई में से भी 20 प्रतिशत से अधिक फसल गर्मी के कारण नष्ट हो जाने से नाममात्र की फसल ही सुरक्षित रही है।

केसीसी चुकाना हुआ मुश्किल
क्षेत्र में कृषि कुएं लगाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेने वाले किसान अब निराशा में है। किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। दो-दो बार बुवाई के बाद भी फसल नहीं होने से हालात विकट बन गए है। गर्मी का हरे चारे पर भी साफ नजर आ रहा है। किसानों के अनुसार दिन-रात तेज तपन व अंधड़ से फसल तो दूर पशुओं के लिए बोया हरा चारा भी नष्ट हो चुका है। ऐसे में पशुओं को भी सूखा चारा खिलाया जा रहा है।ढाणी छिल्ला के किसान सत्यनारायण सियाग ने बताया कि तापमान में बढ़ोतरी के कारण बुवाई कार्य प्रभावित हुआ है। कृषि कुओं पर किसानों ने नरमे की बुवाई की, लेकिन तेज गर्मी व आंधी ने सब कुछ चौपट करके रख दिया है। कई खेतों में 10 प्रतिशत फसल बची है।

गर्मी व आंधी ने फसलों को नुकसान पहुंचाया
गर्मी के साथ आंधी ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कृषि विभाग की ओर से समय-समय पर किसानों को उचित सलाह दी जाती है। इस बार अधिकांश खेतों में नरमा की फसल 10 प्रतिशत भी मुश्किल से रही है।
रामकुमार भादू, सहायक कृषि अधिकारी।