5 साल पहले खरीदी एक्स-रे मशीन, कमरे में कैद

5 साल पहले खरीदी एक्स-रे मशीन, कमरे में कैद

Nikhil Swami | Updated: 19 Jul 2019, 03:54:56 PM (IST) Bikaner, Bikaner, Rajasthan, India

x ray machine purchased बुजुर्गों की सहूलियत के लिए पीबीएम अस्पताल के पानादेवी बिन्नाणी जिरियाट्रिक हॉस्पिटल में वर्षों पहले एक्स-रे मशीन खरीदी गई थी, लेकिन वृद्धजनों को इसका लाभ ही नहीं मिल रहा है।

बीकानेर. बुजुर्गों की सहूलियत के लिए पीबीएम अस्पताल के पानादेवी बिन्नाणी जिरियाट्रिक हॉस्पिटल में वर्षों पहले एक्स-रे मशीन खरीदी गई थी, लेकिन वृद्धजनों को इसका लाभ ही नहीं मिल रहा है।

 

बुजुर्गों को एक्स-रे जांच सुविधा अस्पताल में ही मुहैया कराने के उद्देश्य से लाखों रुपए कीमत की एक्स-रे मशीन पांच साल से एक कमरे में ही बंद है। यहां खानापूर्ति के लिए वृद्धजनों की ओपीडी व सामान्य जांचें की जा रही हैं, जबकि बुजुर्गों को एक्स-रे व अन्य जांच के लिए इधर-उधर भटका पड़ रहा है।

 


जिरियाट्रिक अस्पताल में बुजुर्ग लोगों को एक्स-रे के लिए भटकना नहीं पड़े, इसलिए यहां एक्स-रे मशीन स्थापित की गई। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक जब से मशीन खरीदी गई है, तब से इसे इंस्टॉल ही नहीं किया गया है। लाखों रुपए की यह मशीन बिना उपयोग लिए ही गारंटी समय से बाहर हो गई है।

 

कार्मिकों ने बताया कि मशीन चलाने के लिए बिजली की पर्याप्त वॉल्टेज की जरूरत होती है, लेकिन उसके मुताबिक बिजली की फिटिंग नहीं है।


विभाग को पता ही नहीं
पीबीएम अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग के अधीन सभी तरह की एक्स-रे व सोनोग्राफी मशीने हैं। नियमानुसार अगर पीबीएम में कहीं भी कोई सोनोग्राफी व एक्स-रे मशीन स्थापित होती है तो उसकी जानकारी मुख्य विभाग को होना जरूरी है, लेकिन जिरियाट्रिक व हार्ट अस्पताल में स्थापित एक्स-रे मशीनों का उन्हें पता ही नहीं है। विभागाध्यक्ष डॉ. जीएल मीणा का कहना है कि मशीनें कब खरीदी, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

 


सब काट रहे कन्नी
जिरियाट्रिक अस्पताल में एक्स-रे मशीन की अधिकारियों व चिकित्सकों को जानकारी है, इसके बावजूद वे इस मामले में कन्नी काटते नजर आए। जब पत्रिका ने उनसे मशीन के संबंध में जानकारी लेनी चाही तो सब टालमटोल करते रहे। किसी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं तो किसी ने कहा कि खरीदने वाले ही इसका कारण बता सकते हैं।

 


यह होगा फायदा
जिरियाट्रिक अस्पताल में अगर एक्स-रे मशीन चालू कर दी जाए तो यहां आने वाले वृद्धजनों के अलावा यूरोलॉजी, हार्ट हॉस्पिटल, मानसिक एवं डायबिटिज सेंटर में आने वाले मरीजों को फायदा हो सकेगा। इन अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जांच जिरियाट्रिक अस्पताल में की जा सकेगी।

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