सिम्स में लाश रखने वाले डीप फ्रीजर के 10 यूनिट खराब

विधानसभा में तब बात आई थी कि 450 करोड़ आया जिसमे से एक भी पैसा खर्च नही हुआ वो अब बढ़कर 700-800 करोड़ तक पहुच गया होगा। उसका करना क्या है, उससे व्यवस्था क्यो नही बनाई जा रही, टीके तो केंद्र से आ रहे : धरम लाल कौशिक

 

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 21 Apr 2021, 05:28 PM IST

बिलासपुर. कोरोनाकाल में एक के बाद एक स्वास्थ्य संबंधी कमियां उजागर हो रही है। सम्भाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स (Cims bilaspur) के मरच्युरी के 10 यूनिट का डीप फ्रीजर महीनों से ठप पड़ा है। जिसको सुधरवाने के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिम्स संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है यहां एक्सीडेंट की सबसे ज्यादा मरीज आते हैं। जहर खुरानी, फांसी और मारपीट के मरीजों को भी भर्ती किया जाता है। भर्ती अधिक होने के कारण मृतकों की संख्या जिला अस्पताल से तीन गुना ज्यादा यहां रहती है। सिम्स में कोरोना के मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है प्रतिदिन पांच से सात की मौते हो रही है।

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इसके अलावा एक्सीडेंट सहित अन्य घटनाओं से मौत होने वालों को तत्काल वार्ड से मरच्यूरी में शिफ्ट कर दिया जाता है। शव को सुरक्षित रखने के लिए सिम्स में 6 यूनिट वाला एक और 4 यूनिट वाले 10 डीप फ्रीजर हैं जो खराब पड़ा है। जिसे सुधरवाने के लिए प्रबंधन द्वारा ध्यान दिया जा रहा है। कोरोना और हादसों में हुई मौतों के शव एक साथ रखे गए है। हालांकि कोरोना बॉडी तीन ङ्क्षसगल-ङ्क्षसगल फ्रीजर पर शीशे से कवर्ड केबिन में रखी है।

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कहां गए दान में आए करोड़ों रुपए
नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने पत्रतार्वा के दौरान यह बात उठाई थी कि शराब में सेस के नाम पर आया 600 करोड़, और दान में आए करोड़ो द्यपए आखिर कहां गए। विधानसभा में तब बात आई थी कि 450 करोड़ आया जिसमे से एक भी पैसा खर्च नही हुआ वो अब बढ़कर 700-800 करोड़ तक पहुच गया होगा। उसका करना क्या है, उससे व्यवस्था क्यो नही बनाई जा रही, टीके तो केंद्र से आ रहे।

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