मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीन व सिविल सर्जन को सीएम ने हटाने के दिए निर्देश, संभागीय कमिश्नर डॉ.संजय अलंग के पास चार्ज

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.पीके पात्रा व जिला चिकित्सालय की सिविल सर्जन डॉ. मधुलिका सिंह को तत्काल पद से हटाकर अन्य सक्षम अधिकारियों की पदस्थापना की जाए। कमिश्नर बिलासपुर तत्काल सभी संबंधितों के बीच समन्वय स्थापित कर जांच दल द्वारा उल्लेखित सभी अव्यवस्थाओं को आगामी 15 दिनों में ठीक कराएं।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 22 Sep 2020, 05:15 PM IST

बिलासपुर. संभाग का सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा फैसला लेते हुए सिम्स के डीन और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है। डीन व सिविल सर्जन की शिकायत की जांच करने के लिए 10 दिन पहले रायपुर से पांच सदस्यीय टीम भेजी गई थी।

मुख्यमंत्री ने चीफ सेक्रेटरी आरपी मंडल से कहा है कि वे फौरन सिम्स के डीन डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा और सिविल सर्जन डॉ. मधुलिका सिंह ठाकुर दोनों को हटाकर बिलासपुर के कमिश्नर डॉ.संजय अलंग को पूरा चार्ज सौंप दें। सीएम ने लिखा है कि कोरोना जैसी राष्ट्रीय आपदा के समय प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल सिम्स की अव्यवस्थाएं दुर्भाग्यजनक ही नहीं बल्कि पीड़ादायक है।

मुख्यमंत्री ने यह फैसला सिम्स की जांच रिपोर्ट के बाद लिया है। कांग्रेसी और शहर की जनता से मिल रही लगातार सिम्स की शिकायतों के बाद हेल्थ विभाग की ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. प्रियंका शुक्ला के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। ११ सितम्बर को डॉ. प्रियंका शुक्ला, डॉ. निर्मल वर्मा, डॉ. सुरेन्द्र पामभाई, रविन्द्र पांडा व ओपी सुन्दरानी सिम्स और जिला अस्पताल के निरीक्षण के लिए भी पहुंचे थे जहां खुद ही सारी शिकायतों के संबंध में जानकारी एकत्रित की थी। इसके बाद कमेटी ने तीन पन्ने की जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी।

कमेटी ने जांच रिपोर्ट में कोरोना के समय सिम्स के ओपीडी से लेकर आईसीयू, लैब की अव्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट में हैरानी जताई है कि कोविड लेब में 32 तकनीशियन हैं, पांच की और भर्ती होने वाली है। इसके बाद भी मात्र टेस्टिंग की एक शिफ्ट चल रही। ऐसे में एक सिम्स के प्रबंधन के लिए आवश्यक है कि एकसक्षम अधिकारी के नेतृत्व में एक नियंत्रण दल गठित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने चीफ सेक्रेटरी को लिखा है कि सिम्स मेडिकल कॉलेज में वर्तमान समय में अव्यवस्थाएं होना दुर्भाग्यजनक है।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.पीके पात्रा व जिला चिकित्सालय की सिविल सर्जन डॉ. मधुलिका सिंह को तत्काल पद से हटाकर अन्य सक्षम अधिकारियों की पदस्थापना की जाए। कमिश्नर बिलासपुर तत्काल सभी संबंधितों के बीच समन्वय स्थापित कर जांच दल द्वारा उल्लेखित सभी अव्यवस्थाओं को आगामी 15 दिनों में ठीक कराएं। राज्य के सभी अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों का भी तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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