कोटा व तखतपुर विस में त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार, बढ़ गई राजनीतिक हलचल

कोटा व तखतपुर विस में त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार, बढ़ गई राजनीतिक हलचल

Anil Kumar Srivas | Publish: Sep, 09 2018 01:12:39 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हाल ही में विकास यात्रा के दौरान पूर्व सांसद और विधायक स्वर्गीय मनहरण लाल पांडेय को याद किया।

बिलासपुर. कोटा और तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में जनता कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी उतारने से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। कोटा कांग्रेस का अभेद्य गढ़ माना जाता है। यहां वर्तमान में रेणु जोगी कांग्रेस पार्टी से विधायक हैं। जबकि तखतपुर से भाजपा के राजू क्षत्री विधायक और संसदीय सचिव भी हैं। दोनों क्षेत्र में आप और जनता कांग्रेस भी मैदान में है।

दावेदारों को जीत का पूरा भरोसा टिकट पर लगी है सबकी नजर : तखतपुर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा का प्रतिनिधित्व है। यहां से भारतीय जनता पार्टी के राजू क्षत्री विधायक और संसदीय सचिव हैं। उनके लगातार विवाद में रहने के कारण इस बार उनकी टिकट खतरे में बताई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हाल ही में विकास यात्रा के दौरान उनके बजाए पूर्व सांसद और विधायक स्वर्गीय मनहरण लाल पांडेय को याद किया। मनहरण लाल राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय के पिता थे। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता भी यहां से दावेदारी कर रही हैं। यहां से जनपद अध्यक्ष नूरिता कौशिक का नाम भी चर्चा में है। वहीं कांग्रेस से पिछले चुनाव में यहां से हार का सामना कर चुके आशीष सिंह ठाकुर ने फिर से दावेदारी ठोंकी है। इसके अलावा पूर्व विधायक जगजीत सिंह मक्कड़, ब्लाक अध्यक्ष शिवबालक कौशिक, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेंद्र कौर मक्कड़ और जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र पाण्डेय समेत 22 दावेदारों ने अपना आवेदन ब्लॉक कांग्रेस के माध्यम से जमा कराया है। तखतपुर क्षेत्र से छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारी संतोष कौशिक को चुनाव लड़ाने का ऐलान कर दिया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने अनिल सिंह बघेल को अपना प्रत्याशी घोषत कर दिया है।

कोटा में शैलेष पांडेय को मिला टिकट तो कायम रह सकती है कांग्रेस की परंपरा : कोटा विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस की परपंपरागत सीट रही है। आजादी के बाद से यहां लगातार कांग्रेस का प्रतिनिधित्व है। इस बार यहां से सीवी रमन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलसचिव शैलेष पाण्डेय, जनपद सदस्य अरुण सिंह चौहान, संदीप शुक्ला, उत्तम वासुदेव, तत्कालीन डीएसपी विभोर सिंह और किसान नेता समेत 17 लोग चुनाव लडऩे के लिए दावेदारी कर रहे हैं। सभी की नजरें इस सीट पर हैं। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो इस बार कोटा में यदि शैलेष पांडेय को टिकट मिलता है तो कांगे्रस की परंपरा कायम रह सकती है। जनता कांग्रेस ने तय रणनीति के तहत अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। लेकिन यहां से प्रत्याशी खड़ा करने का दावा खुद पार्टी के मुखिया अजीत जोगी कर रहे हैं। इधर आम आदमी पार्टी ने हरीश चंदेल को यहां से चुनाव मैदान में उतार दिया है। भारतीय जनता पार्टी भी आगामी विधानसभा चुनाव में कोटा विधानसभा क्षेत्र से मजबूत प्रत्याशी उतारने रणनीति तय कर रही है। भाजपा में यहां से कई लोग दावेदारी कर रहे हैं। कोटा से पूर्व में वर्तमान विधायक रेणु जोगी के खिलाफ भाजपा से प्रत्याशी रहे काशी साहू के अलावा शिव मोहन बघेल और रतनपुर के डॉ. सुनील जायसवाल का नाम चर्चा में है।

रणनीति की जा रही है तय : कोटा और तखतपुर के लिए अभी रणनीति तय की जा रही है। सभी सात सीटें जीतेंगे, कहीं कोई दिक्कत नहीं है। चुनाव में सभी को जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने के लिए कहा गया है। इस बार हमारी सरकार बनेगी।
रजनीश सिंह, जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी

भाजपा-कांग्रेस के कोई बड़ा फासला नहीं : भाजपा-कांग्रेस के बीच कोई बड़ा फासला नहीं है। रही बात जोगी कांग्रेस की तो जिन लोगों ने पिछली बार उन्हें वोट दिया था, वे अब उनकी असलियत जान गए हैं। इसलिए इस बार उनकी नहीं चलेगी, उल्टे मुंह की खानी पड़ेगी।
विजय केशरवानी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस, बिलासपुर

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