बिल्हा और लोरमी में पूर्व विस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की प्रतिष्ठा दांव पर

बिल्हा और लोरमी में पूर्व विस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की प्रतिष्ठा दांव पर

Anil Kumar Srivas | Publish: Sep, 07 2018 04:48:01 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

मिशन-2018... विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ी

बिलासपुर. लोरमी और बिल्हा विधानसभा क्षेत्र से बिल्हा से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं लोरमी विधानसभा क्षेत्र से कांगे्रस से खिलाफत कर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष जकांछ से चुनाव मैदान में हैं। बिल्हा में भाजपा से प्रदेश अध्यक्ष के सामने कोई दावेदार नहीं है। वहीं लोरमी में वर्तमान विधायक और संसदीय सचिव के खिलाफ पार्टी से लेकर समाज तक विरोध का माहौल है। भाजपा से आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार दावेदारी ठोंक रहे हैं।

किससे होगा कौशिक का सामना सस्पेंस बरकरार
मिशन 2018 को लेकर भाजपा- कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों में घमासान मचा हुआ है। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के सामने कोई दूसरा दावेदार अभी तक सामने नहीं आया है। लेकिन जकांछ से वर्तमान क्षेत्रीय कांगे्रेस विधायक सियाराम कौशिक के चुनाव मैदान में आने से यहां राजनीतिक समीकरण गरमा गया है। धरम कौशिक पार्टी की तरफ से तो सेफ हैं लेकिन उनका मुकाबला कांग्रेस के वर्तमान विधायक से है जो इस बार बिल्हा विधानसभा से जोगी कांगे्रस से दावेदारी कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस से दावेदारों की भरमार है। कांग्रेस से पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला, वर्तमान विधायक सियाराम कौशिक परिवार से जिला महामंत्री मनहरण कौशिक, पथरिया से जागेश्वरी, धनश्याम वर्मा, पूर्व जिला पंचपायत सदस्य अंबालिका साहू,पूर्व सरपंच हजारी भारद्वाज व जिला पंचायत सदस्य शशि घृतलहरे समेत 36 लोगों ने दावेदारी ठोंक रखी है। जातिगत समीकरण के हिसाब से यह विधानसभा क्षेत्र सूर्यवंशी और सतनामी बाहुल्य है। वर्तमान विधायक की इनके
बीच अच्छी पकड़ है लेकिन कांग्रेस से अलग होकर जकांछ में जाने के कारण उनके ज्यादातर समर्थक उनसे अलग हो गए हैं,
लेकिन नए समर्थकों की भीड़ भी उनके पास है।

धर्मजीत ने ठोकी ताल, चार और मैदान में खड़े
मुंगेली जिले के लोरमी विधानसभा क्षेत्र से जकांछ से पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष धर्मजीत सिंह दावेदार है। यहां के भाजपा के विधायक तोखन साहू पर आरोप है कि संसदीय सचिव बनने के बाद पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व समाज के वरिष्ठजनों की उपेक्षा कर रहे है। पिछले चुनाव में उनके करीबी रहे पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जवाहर साहू, पुराने भाजपा कार्यकर्ता और गायत्री परिवार के धनेश साहू, पूर्व विधायक भूपेंद्र सिंह ठाकुर की बहू जनपद अध्यक्ष वर्षा सिंह और विनय साहू इस बार दावेदारी कर रहे हैं। यह क्षेत्र साहू बाहुल्य है। इस कारण दावेदारी करने वालों में ज्यादातर साहू समाज से हैं। बताया जाता है कि साहू समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष धरम कौशिक से यहां प्रत्याशी बदलने की मांग कर चेतावनी दी है कि तोखन को फिर से टिकट दिया गया तो वे पार्टी के खिलाफ काम करेंगे। खबर यह भी है कि शिकवा-शिकायत के बाद संसदीय सचिव ने समाज के लोगों से क्षमायाचना भी की है। वहीं कांग्रेस से भी दावेदारों की भरमार है- कांग्रेस से यहां जिला उपाध्यक्ष सोनू उर्फ शत्रुघन चंद्राकर, ब्लाक अध्यक्ष सागर सिंह, रिटायर्ड पुलिस कर्मी का पुत्र दिव्यानंद बैस, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व इंटक की प्रदेश अध्यक्ष तथा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष मायारानी सिंह समेत यहां से 20 लोगों ने दावेदारी ठोंक रखी है।

आमने-सामने
लोरमी विधानसभा से फिलहाल संसदीय सचिव के खिलाफ बगावत की कोई शिकायत नहीं मिली है। जहां तक टिकट का मामला है भाजपा में इसकी अपनी अलग प्रक्रिया है। बिल्हा और लोरमी विधानसभा क्षेत्र में जकांछ की दावेदारी से कोई फर्क पड़ेगा ऐसा नहीं लगता।
गिरधर गुप्ता, प्रदेश महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी

इन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला भाजपा से है, जनता कांग्रेस से पार्टी का कोई मुकाबला ही नहीं है। बिल्हा और लोरमी विधानसभा क्षेत्र में या कहीं भी त्रिकोणीय संघर्ष जैसी कहीं कोई बात ही नहीं है। जल्द ही टिकट फाइनल हो जाएगा और स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
अटल श्रीवास्तव, प्रदेश महामंत्री, कांग्रेस

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