मौलवी ने शागिर्द से किया दुष्कर्म जब गर्भवती हुई तो कराया गर्भपात, कोर्ट ने दी ये सजा

- मौलवी ने मदरसे में पढ़ने वाली शार्गिद के साथ किया दुष्कर्म
- विशेष न्यायालय में मौलवी को 10 साल व 4 हजार अर्थ दंड

By: Ashish Gupta

Published: 10 Feb 2021, 07:57 PM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मदरसे में मौलवी ने अपने यहां पढ़ने वाली शार्गिद के साथ वर्ष 2016 में दुष्कर्म किया। गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात भी कराया था। मामले में सुनवाई करते हुए करते हुए विशेष न्यायालय में मौलवी को 10 साल व 4 हजार अर्थ दंड से दण्डित किया है।

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दरअसल, यह मामला चुचुहियापारा गणेशनगर का है, जहां मरदसे में बलात्कार और किशोरी का गर्भपात करने का मामला वर्ष 2016 में सिरगिट्टी थाना दर्ज किया गया था। तत्कालिन प्रभारी राहुल तिवारी ने शार्गिद व उसके परिजनों की शिकायत पर खिलाफ धारा 363, 366, 376(2) व 312 के तहत मौलवी अब्दुल वाहिद अली पिता युनुस मिया (35) निवासी गणेश नगर चुचुहियापारा पर अपराध दर्ज किया था। अपराध दर्ज की जानकारी लगते ही मौलवी अपने गृहग्राम गिरिडाही झारखंड में भाग कर छुप गया था।

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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। विशेष न्यायाधीश ने मामले में मौलवी को दोषी पाया व उसे धारा 363 के तहत 7 वर्ष व एक हजार अर्थ दण्ड, 366 के लिए 10 साल की सजा व 1 हजार अर्थदण्ड, 376 (2) के लिए 10 साल व 1 हजार अर्थ दण्ड की सजा व जबरिया गर्भपात कराने पर धारा 312 के तहत 7 वर्ष की सुजा सुनाई है। आरोपी अब्दुल वाहिद अली पूर्व में 3 माह जेल में रह चुका है इसके चलते सजा में 3 माह की कमी करते हुए आरोपी को 9 साल 9 माह जेल में रहने की सजा दी गई है।

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