ईवीएम को जांचने में रुचि नहीं, हार पर पीटेंगे ढिंढोरा

ईवीएम को जांचने में रुचि नहीं, हार पर पीटेंगे ढिंढोरा

Amil Shrivas | Publish: Sep, 04 2018 03:15:00 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

मशीन की जांच पूरी: नेताओं ने नहीं दिखाई दिलचस्पी

ईसीआईएल हैदराबाद से आए इंजीनियरों का दल लौट गया
मान्यता प्राप्त टीम ने चुनाव आयोग के आदेश पर की मशीनों की जांच

बिलासपुर . आगामी विधान सभा चुनाव में पहली बार इवीएम के साथ वीवीपेट का इस्तेमाल किया जाएगा। जिले में 2304 वीवीपेट मशीनें हैदराबाद से भेजी गईं हैं। चुनाव आयोग ने इन मशीनों की फस्र्ट लेवल चेकिंग के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जिला प्रशासन की तरफ से मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया। 28 दिनों में किसी भी दिन जांच के दौरान कोई भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि पूरे समय मौजूद नहीं रहा। जांच पूरी होने के बाद इंजीनियरों की टीम हैदराबाद लौट गई। चुनाव आयोग इवीएम के साथ ही पहली दफा वीवीपेट का उपयोग करेगा। इस मशीन में जो मतदाता जिस किसी प्रत्याशी के पक्ष में बटन दबाएगा, उसके बाद पांच सेंकेंड के लिए संबंधित मतदाता ने जिसे वोट किया है, उसके पक्ष में मशीन में डिसप्ले होगा। साथ उसके नाम से पर्ची प्रिंट होकर निकलेगी।

ईवीएम के विवाद पर वीवीपेट का विकल्प
देश के अनेक राज्यों में विधान सभा चुनाव के बाद परिणामों को लेकर अनेक राजनीतिक दलों ने इवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। इसके साथ ही फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की गई। इसके विकल्प के रूप में वीवीपेट लाया गया। चुनाव आयोग इवीएम के साथ वीवीपेट का भी चुनाव के दौरान इस्तेमाल करेगा।

6 इंजीनियरों ने की 28 दिनों तक जांच
चुनाव आयोग के निर्देश पर इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (इसीआईएल) हैदराबाद से 2304 वीवीपेट मशीनों की जांच के लिए 6 इंजीनियरों की टीम भेजी गई थी। मशीनों की जांच व प्रदर्शन 28 दिन तक चला।

वीवीपेट मशीनों की जांच का काम पूरा हो गया। जांच के दौरान मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधि पूरे समय उपस्थित नहीं रहे। हैदराबाद से आए इंजीनियरों का दल वापस लौट गया।
एआर टंडन, प्रभारी वीवीपेट एफएलसी व डिप्टी कलेक्टर बिलासपुर

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