एक थेरेपी है बुरी बातों को भूलना और लोगों को क्षमा करना

एक थेरेपी है बुरी बातों को भूलना और लोगों को क्षमा करना

Jitendra Kumar Rangey | Publish: Jun, 24 2019 01:43:07 PM (IST) तन-मन

अपने जीवन में हम आए दिन न जाने कितने नए या परिचित लोगों से मिलते हैं, कुछ लोगों का व्यवहार और एक्टीविटीज हमें खुशी और सुकून देने वाले होते हैं, तो कुछ लोग अपने व्यवहार और हावभाव से हमें नाराज कर देते हैं, गुस्सा दिला देते हैं और सारा मूड चौपट कर देते हैं।

भूलें बुरे लोग, बुरी बातें
हैल्थ एक्सपट्र्स कहते हैं कि ऐसे परिचित या अपरिचित लोगों के दुव्र्यवहार को हमें अपनी खुशी और सुकून के लिए भूल जाना चाहिए। उनकी हरकतों या स्वभाव के बारे में बार-बार याद करने का मतलब है हाई ब्लड प्रेशर, तेज हार्ट बीट, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन और टेंशन जिससे सिर्फ हमारा ही नुकसान होता है।

दिली सुकून जरुरी
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सेमेल इंस्टीट्यूट के माइन्डफुल अवेयरनेस रिसर्च सेंटर की निदेशक डायना विंसटन कहती हैं, 'भूल जाना या क्षमा करना दिल का काम है। दिल के सुकून के लिए बुरी चीजों व बुरे लोगों को भूल जाना या माफ कर देना चाहिए। क्रोध जलते कोयले जैसा है, जो हमारे ही हाथ जलाता है। बदले की भावना भी दिल और दिमाग पर बुरा असर डालती है।
सेहत के लिए लाभदायक
साइकोलॉजिस्ट, लेखक और फॉरगिवनेस थेरेपी एक्सपर्ट रॉबर्ट डी एनराइट कहते हैं, 'दयालुता और लोगों से प्यार की भावना ही क्षमा करने के लिए प्रेरित करती है। भले ही आपके लिए ऐसा करना भावनात्मक
रूप से कठिन हो, लेकिन आपको अपनी सेहत की खातिर यह गुण अपना लेना चाहिए। कई अनुसंधानों के नतीजों में पाया गया है कि फोरगिवनेस थेरेपी का भावनात्मक और शारीरिक सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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