'नेल पॉलिश' के शूट पर मानव कौल और आनंद तिवारी कोरोना पॉजिटिव, Arjun Rampal की रिपोर्ट आई सामने

By: पवन राणा
| Updated: 25 Sep 2020, 07:36 PM IST
'नेल पॉलिश' के शूट पर मानव कौल और आनंद तिवारी कोरोना पॉजिटिव, Arjun Rampal की रिपोर्ट आई सामने
'नेल पॉलिश' के शूट पर मानव कौल और आनंद तिवारी कोरोना पॉजिटिव, Arjun Rampal की रिपोर्ट आई सामने

अर्जुन ( Arjun Rampal ) ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए गुरुवार को बताया कि मेरे साथी कलाकार मानव कौल और आनंद तिवारी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। इसलिए मैं घर पर क्वॉरंटीन हूं। प्रोडक्शन ने तुरंत शूटिंग रोक दी है। सभी लोग आराम कर रहे हैं। शूटिंग फिर से जल्द शुरू होगी।

मुंबई। अभिनेता मानव कौल और आनंद तिवारी की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अर्जुन रामपाल ( Arjun Rampal ) की टेस्ट रिपोर्ट भी सामने आई है। तीनों अभिनेता 'नेट पॉलिश' फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। कोरोना केस आने के बाद फिल्म की शूटिंग रोक दी गई है।

अर्जुन ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए गुरुवार को बताया कि मेरे साथी कलाकार मानव कौल और आनंद तिवारी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। इसलिए मैं घर पर क्वॉरंटीन हूं। प्रोडक्शन ने तुरंत शूटिंग रोक दी है। सभी लोग आराम कर रहे हैं। शूटिंग फिर से जल्द शुरू होगी। परीक्षा का समय है लेकिन हम बहादुर बनना होगा। मानव और आनंद की जल्द रिकवरी की प्रार्थना करता हूं और मेरी रिपोर्ट का इंतजार है क्योंकि मैं भी उनके साथ काम कर रहा था।

 

अब अर्जुन की रिपोर्ट भी सामने आ गई है। अभिनेता ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की है। अपनी फोटो शेयर करते हुए अर्जुन ने इसके कैप्शन में लिखा,'कोविड टेस्ट नेगेटिव आया है। आपके प्यार और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद। अब 4 दिन बाद फिर से टेस्ट करवाना होगा, लेकिन राहत है।'

बता दें कि जी5 की फिल्म 'नेल पॉलिश' एक कोर्ट रूम ड्रामा है। इसका निर्देशन बग्स भार्गव कृष्णा कर रहे हैं। इससे पहले अर्जुन ने 'द फाइनल कॉल' से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया था। इसमें उन्होंने एक नेवी अधिकारी का किरदार निभाया था।

गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान अर्जुन अपनी गर्लफ्रेंड ग्रेब्रिला और एक साल के बेटे अरिक के साथ करजत में फंस गए थे। इस बारे में अर्जुन ने कहा कि वे अपनी सुरक्षा के चलते वहीं रूक गए। ज्यादा चिंता 1 साल के बेटे को लेकर थी। जब वह बड़ा होगा तो उसे ये कहानी सुनाएंगे। साथ ही ये भी सुकून था कि करजत से मुंबई आना आसान था, तो इमरजेंसी में यहां लौट सकता था। दूसरी ओर, करजत में कोरोना के मामले न के बराबर थे। इसलिए हमें यहां रूकना सुरक्षित भी लगा।