वहीं स्वामी जी के खून से खत लिखने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है।और आमरण अनशन पर बैठे स्वामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने खुद आमरण अनशन पर बैठे स्वामी का आपराधिक इतिहास बताया।साथ ही स्वामी के अनशन को निजी स्वार्थ में करना बताया।साथ ही मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की ,कि अनशन पर बैठे स्वामी के बहकावे में ना आये।जिलाधिकारी ने यह पत्र सूचना विभाग मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किया।