8 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

video-बुलंदशहर हिंसाः अनशन पर बैठे संत ने फौजी आैर मृतक सुमित के लिए खून से पत्र लिखकर, सीएम योगी से की यह बड़ी मांग

जिलाधिकारी ने सामने आकर कही ये बात
less than 1 minute read
Google source verification
news

बुलंदशहर हिंसाः अनशन पर बैठे संत ने फौजी आैर मृतक सुमित के लिए खून से पत्र लिखकर, सीएम योगी से की यह बड़ी मांग

बुलंदशहर।यूपी के बुलंदशहर के स्याना में 3 दिसम्बर को हुई हिंसा के आरोपियों के समर्थन में अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक नरसिंहानंद सरस्वती महाराज आ गये है।उन्होंने मंगलवार को बुलंदशहर में आमरण अनशन के तीसरे दिन अपनी मांगों को लेकर योगी जी के लिये अपने खून से खत लिखा।उन्होंने इस खत में फौजी जीतू को निर्दोष बताने व पुलिस पर उसे फंसाने के आरोप लगाये।

यह भी पढ़ें-बुलंदशहर हिंसा: अब जाटों आैर संतो ने पुलिस को दी चेतावनी कर दिया ये बड़ा एेलान

तीन दिन से अनशन पर बैठे है नरसिंहानंद महाराज

बुलंदशहर के काला चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठे अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज का दावा है की 3 दिसंबर को स्याना इलाके में कथित गौकशी को लेकर हुई हिंसा में पुलिस निर्दोष लोगों को फंसा रही है। नरसिंहानंद की मांग है कि स्याना हिंसा में मारे गए सुमित के परिजनों को न्याय मिले। जीतू फौजी को उसका सम्मान वापिस दिलाया जाए मामले की न्यायिक जांच हो और जब तक यह मांग पूरी नहीं होंगी। तब तक वो अनशन पर ही बैठे रहेंगे।आज अनशन के तीसरे दिन अपनी मांगों को लेकर स्वामी ने सीएम योगी को अपने खून से खत लिखा है।

पत्र लिखते ही हरकत में आया प्रशासन

वहीं स्वामी जी के खून से खत लिखने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है।और आमरण अनशन पर बैठे स्वामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने खुद आमरण अनशन पर बैठे स्वामी का आपराधिक इतिहास बताया।साथ ही स्वामी के अनशन को निजी स्वार्थ में करना बताया।साथ ही मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की ,कि अनशन पर बैठे स्वामी के बहकावे में ना आये।जिलाधिकारी ने यह पत्र सूचना विभाग मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किया।