मेज नदी एनिकट सूखा, गहराया पेयजल संकट

मेज नदी में पानी सूखने के साथ ही हिण्डोली कस्बे में पेयजल संकट गहरा गया है। यहां पर 48 घंटे में मात्र 10 से 15 मिनट ही घरों में जलापूर्ति की जाने लगी है। जिससे जलदाय विभाग के साथ कस्बे के लोगों में भी चिंता बन गई है।

By: pankaj joshi

Published: 13 Jun 2021, 09:07 PM IST

मेज नदी एनिकट सूखा, गहराया पेयजल संकट
एक कनिष्ठ अभियंता के भरोसे 42 ग्राम पंचायतें
हिण्डोली. मेज नदी में पानी सूखने के साथ ही हिण्डोली कस्बे में पेयजल संकट गहरा गया है। यहां पर 48 घंटे में मात्र 10 से 15 मिनट ही घरों में जलापूर्ति की जाने लगी है। जिससे जलदाय विभाग के साथ कस्बे के लोगों में भी चिंता बन गई है। जानकारी के अनुसार कस्बे में मेज नदी पेयजल योजना से जलापूर्ति होती है। यहां पर मेज नदी के निकट में पानी रहता है तो पास लगे नलकूपों का जलस्तर ठीक रहता है, लेकिन गत दिनों मेज नदी में पानी सूख गया है। ऐसे में नलकूप भी हांफने लगे हैं। यहां लगे 4 नलकूपों में पानी कम दबाव से आने से मेज नदी पेयजल योजना से पानी की टंकी में कम दबाव में पानी आ रहा है। जिससे पानी की टंकियां भरने में समय लगता है। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में जल आपूर्ति कम हो रही है। जलदाय विभाग के आधिकारिक सूत्रों की माने तो फिलहाल 48 घंटे में लोगों को आधे घंटे की जलापूर्ति की जा रहे हैं। जबकि कस्बे के लोग बताते हैं कि उन्हें 48 घंटे में मात्र 10 से 20 मिनट के बीच ही जलापूर्ति होती है, जो काफी कम है। इसके अलावा कई बार बिजली कटौती भी परेशान कर देती है। त्रिवेणी धाम, पुरानी बस्ती में भी पानी की समस्या आ रही है।
पुराने नलकूपों को करेंगे चालू
मेज नदी पेयजल योजना में लगे पुरानी नलकूप भी हैं। उनमें पानी अच्छी मात्रा में बताया जा रहा है। ऐसे में शुक्रवार को जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता व कर्मचारी मौके पर गए हैं। वहां के तीनों नलकूपों को चालू करके देख रहे हैं। जिनमें पानी की मात्रा अच्छी मिलते ही पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा।
एक कनिष्ठ अभियंता के पास 42 ग्राम पंचायतों का भार
जलदाय विभाग के एक ही कनिष्ठ अभियंता के पास 42 ग्राम पंचायतों का भार है। पंप अभियान की मॉनिटरिंग, दर्जनों गांवों में डेढ़ सौ से अधिक टैंकरों से प्रतिदिन हो रहे जल परिवहन, जलदाय विभाग की विभिन्न योजनाएं, जलापूर्ति, मेंटेनेंस सहित कई कार्य है। जिससे एक व्यक्ति ही देख रहा है।
& मेज नदी का एनिकट सूख जाने से पेयजल योजना में लगे चारों बोरिंग में पानी कम हो गया है। जिससे पानी कम दबाव में आने लगा है। टंकियां भरने में समय लग रहा है। गत दिनों से जलापूर्ति प्रभावित होने लगी है। पास में लगे पुराने नलकूपों को भी देखा जा रहा है। उनमें पानी अच्छा हुआ तो वहां से पाइप जोडऩे के प्रयास किए जाएंगे।
पवन राठौर, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग, हिण्डोली।

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