तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ शुरू हुए शादी-ब्याह

तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ ही बुधवार से जिले में शादी-ब्याह की धूम शुरू हो गई। शाम को मंदिरों और घरों में देव उठाने की रस्म अदा की गई।

By: pankaj joshi

Published: 26 Nov 2020, 08:46 PM IST

तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ शुरू हुए शादी-ब्याह
मंदिरों और घरों में उठाए देव
बूंदी. तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ ही बुधवार से जिले में शादी-ब्याह की धूम शुरू हो गई। शाम को मंदिरों और घरों में देव उठाने की रस्म अदा की गई। भगवान का आकर्षक शृंगार किया गया। घरों के बाहर गोवर्धन को विसर्जित किया गया। बाद में शाम को मोहल्ले के लोगों ने मिलकर सामूहिक देव उठाने की परंपरा को निभाया। इस दौरान कोरोना संक्रमण का भय चहुंओर दिखाई पड़ा। लोगों ने शादी-ब्याह में कम ही लोगों को आमंत्रित किया। भीड़ भाड़ एकत्र नहीं हों और प्रशासन की सख्ती के चलते सडक़ों पर बैंड बाजे और डीजे की धूम कम ही रही। सभी ने सादे समारोह में विवाह की रस्में अदा की।
केशवरायपाटन. कस्बे में बुधवार को देव प्रबोधिनी एकादशी पर सोए देव उठने के साथ ही बंद पड़े मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो गए। मंदिरों व घरों पर एकादशी उत्साह के साथ मनाई गई। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना के साथ भगवान की झांकियां सजाई गई। इस मौके पर गाजर बोर आंवला, उठो बाबा सांवरा... जैसे पारम्परिक अनुरोध के साथ देवों को जगाया गया। यहां पर कार्तिक माह में देव प्रबोधिनी एकादशी पर विशेष महत्व हुआ करता था, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से वह नहीं हो पाया। चम्बल में श्रद्धालुओं ने डूबकी लगा कर भगवान केशव के दर्शन किए। इस अवसर पर महिलाओं ने गोवर्धन पूजन के समय बनाए गए भगवान गोवर्धन के विग्रह को विसर्जित किया। देवउठनी के साथ ही कस्बे में शादी विवाह शुरू हो ग। कस्बे में दिनभर शादियों के परिवार व्यस्त रहे। कोरोना की वजह से शादियों में उत्साह नजर नहीं आया। बाजारों में भीड़ तो रही, लेकिन शादियों की धूमधाम गायब रही।
गाइड लाइन के साथ शादी समारोह हुए
कापरेन. कस्बे सहित क्षेत्र में देवउठनी एकादशी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र में सुबह गोवर्धन की पूजा अर्चना कर विधिवत रूप से बहाया गया। शाम को भजन कीर्तन व लोक गीतों के साथ देव उठाए गए। भगवान को बेर,मूंगफली, गन्ना आदि फलों एव पकवानों का भोग लगाया गया। देवउठनी एकादशी पर क्षेत्र में शादी समारोह की धूम रही। कोरोना काल को देखते हुए अधिकतर स्थानों पर बिना गाजे बाजे के साथ विवाह समारोह सम्पन्न हुए । कुछ जगहों पर डीजे बजते दिखाई दिए लेकिन सरकार के दिशा निर्देश और गाइड लाइन की पालना का ध्यान रखा गया। समारोह में कम ही संख्या में लोग मौजूद रहे।

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