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छोटी काशी को पर्यटन से कई उम्मीदें, उम्मीदों को पंख लगाने के लिए बूंदी ने रखी ये मांगें

छोटीकाशीÓ के नाम से विख्यात बूंदी शहर को पर्यटन से कई उम्मीदें हैं, लेकिन इन उम्मीदों को पूरा कराने में कोई आगे नहीं आ रहा।
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chhotee kaashee ko paryatan se kaee ummeeden, ummeedon ko pankh lagaan

छोटी काशी को पर्यटन से कई उम्मीदें, उम्मीदों को पंख लगाने के लिए बूंदी ने रखी ये मांगें

-विश्व पर्यटन दिवस आज
बूंदी. 'छोटीकाशीÓ के नाम से विख्यात बूंदी शहर को पर्यटन से कई उम्मीदें हैं, लेकिन इन उम्मीदों को पूरा कराने में कोई आगे नहीं आ रहा। सरकार भी नहीं। ठोस योजना नहीं बनने से आज भी जो पर्यटक स्वत: बूंदी पहुंच रहे हैं उन्हीं के भरोसे इसे व्यवसाय का रूप देने के दावे हो रही हैं। बूंदी को सपने दिखाए जा रहे हैं। जबकि हकीकत पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा।
पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा मिले, पर्यटक बूंदी आएं और यहां कुछ दिन रुके। इसके लिए शहर की दशा सुधरे, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। पर्यटक यहां आ भी रहे हैं, लेकिन हाल देखकर खुद को अब ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। झीलों की दुर्दशा, सड़कों पर गहरे गड्ढे, पर्यटन स्थलों पर मनमानी वसूली से देशी-विदेशी पर्यटक खासे परेशान हैं। विदेशी पर्यटक तो अपनी पीड़ा कई बार ट्यूरिस्ट डायरी और सोशल मीडिया पर जाहिर भी कर चुके।
बहरहाल सरकार को चाहिए कि बूंदी एकमात्र पर्यटन व्यवसाय के भरोसे हैं। यहां सैकड़ों लोगों का रोजगार भी बन चुका, इसके लिए मदद करें। सरकार बूंदी पर्यटन विकास पर थोड़ा भी गौर करें तो शहर का पेट भरने के लिए किसी दूसरे व्यवसाय की ओर ताकने की जरूरत नहीं है।
२५ गाइड, ५५ पेईंग गेस्ट हाउस
बूंदी आ रहे पर्यटकों की तादाद को देखकर ट्यूरिस्ट गाइड की संख्या में इजाफा हुआ है। पर्यटन विभाग के अनुसार अभी बूंदी में २५ अधिकृत ट्यूरिस्ट गाइड हैं। जो कि यहां भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को यहां के इतिहास और धरोहर से रूबरू कराते हैं। इसी प्रकार परकोटे के भीतर पर्यटकों के ठहरने के लिए ५५ से अधिक पेईंग गेस्ट हाउस बनकर तैयार हो गए।
सबसे पहले इस पर दें ध्यान
शहर की साफ-सफाई, पर्यटन केंद्रों पर रात्रि को प्रकाश की व्यवस्था।
डस्टबीन रखे जाएं।
पुरुष-महिला पर्यटकों के लिए शौचालय बने।
बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर पूछताछ केंद्र।
पर्यटन स्थलों पर सुविधा स्थल बने
परकोटे के भीतर बालचंद पाड़ा में पर्यटकों के लिए बैठने का स्थान बने। सड़कों की दशा सुधरे।झीलों की सफाई के साथ-साथ इन जगहों को विकसित करने पर प्रशासन ध्यान दें।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बूंदी के पास बहुत कुछ है। सरकार यहां के लिए बजट बढ़ा दें। प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं।
प्रेमशंकर सैनी, सहायक पर्यटन अधिकारी, बूंदी