वे कहती हैं कि सूखते पेड़ों व जंगल को बचाना हम सबका कर्तव्य है। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी हम भी ठीक से रह पाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण के माध्यम से वह अपनी शादी को यादगार बनाना चाहती हैं। इससे अन्य लड़कियां और लड़के भी प्रेरणा लेंगे। बेटी के इस अनोखे संकल्प से पिता भी खुश हैं। हरिराज सिंह हाड़ा कहते हैं कि बेटी की इस पहल से न केवल लोगों को हरियाली का संदेश मिला है, बल्कि अन्य लोग भी इससे प्रेरित होंगे। शहरों में तो ऐेसे ही हरियाली कम हो रही है। अगर गांवों से भी हरियाली नहीं रही तो लोगों के लिए समस्या उत्पन्न हो जाएगी। गांव की हर बेटी को इसके लिए आगे आना होगा।