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चिकित्सा विभाग की लापरवाही, चोरी हो गया सरकारी रिकॉर्ड, जानिएं कैसे ?

एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर हो हुई है। हद तो यह कि अस्पताल परिसर के रूम से
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बूंदी

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Narendra Agarwal

•

Updated: 7 Jan 2018, 3:37 PM IST

Medical departments negligence stolen official records know how?

records chori

बूंदी. एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर हो हुई है। हद तो यह कि अस्पताल परिसर के रूम से अस्पताल का वर्षों पुराना रिकॉर्ड चोरी हो गया। जिसकी अस्पताल में सुरक्षा कर रहे गार्डों व कर्मचारियों को कानोंकान खबर तक नहीं लगी है। सरकारी रिकॉर्ड के चोरी होने से अस्पताल प्रशासन सकते में है। सभी एक दूसरे से पूछताछ कर रहे हैं कि आखिर कौन रिकॉर्ड को ले भागा। अ अब किसी के पास घटना को लेकर कोई जवाब नहीं है।


जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल परिसर स्थित पुराने जनाना अस्पताल के भवन में एक कमरे में रिकॉर्ड रूम संचालित था। जहां पर सरकारी रिकॉर्ड रखा हुआ था। सूत्रों के अनुसार २६ दिसम्बर को रिकॉर्ड रूम से कुछ रिकॉर्ड निकाला गया था। इसके बाद ताला लगाकर कमरे को बंद कर दिया। जब १ जनवरी को कमरे में जाकर देखा तो वहां से सरकारी रिकॉर्ड गायब था। जानकारी करने पर पता चला कि कमरे की पीछे वाली खिडक़ी को तोडक़र कोई भीतर घुसा और रिकॉर्ड चुरा ले गया। इसके अलावा पुराने जनाना अस्पताल के लेबररूम के पास जनाना अस्पताल का काफी सारा रिकार्ड भी था, जो भी चोरी हो गया है। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस को रिपोर्ट भी दी है।

उपयोगी था रिकार्ड
सूत्रों के अनुसार पुराने जनाना अस्पताल के एक कमरे में करीब नौ वर्ष पुराना अस्पताल का सरकारी रिकॉर्ड संभालकर रखा हुआ था। जिसमें रोगियों के पर्चे, एमएलसी रिपोर्ट, गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं, मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, नेत्र वार्ड सहित चिकित्सा विभाग का समस्त रिकॉर्ड शामिल था। जननी शिशु सुरक्षा योजना का वर्ष २०१२ से रिकॉर्ड गायब होना बताया गया है। जिससे अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

आम लोगों को आएगी परेशानी
रिकॉर्ड गायब होने से आम लोगों व चिकित्सा विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। नवजात के जन्म व मृत्यु के रिकॉर्ड की जरूरत पडऩे पर अब उपलब्ध नहीं हो सकेगा। ऐसे में आमजन के कई उपयोगी कार्य संकट में पड़ जाएंगे। इसके अलावा यदि न्यायालय ने किसी मामले में रिकॉर्ड मांगा या एमएलसी रिपोर्ट मांगी तो उपलब्ध करवाने में पसीने में छूट जाएंगे।

सुरक्षा पर उठे सवाल
अस्पताल में सुरक्षा के नाम पर गार्ड भी लगा रखे हैं। ट्रोमा वार्ड में पुलिस चौकी स्थित है। इसके बावजूद अस्पताल में सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई और रिकॉर्ड चोरी हो गया। गौरतलब है कि पुराने जनाना अस्पताल में पूर्व में लाखों का सामान चोरी चला गया था। चोरों ने अस्पताल से एल्यूमीनियम के दरवाजे, खिड़कियां, बिजली के वायर सहित कीमती सामान चुरा लिए। तब भी पुलिस को रिपोर्ट दी थी।

आखिर क्यों ले गया कोई
रिकॉर्ड बस्तों में बंधा हुआ था। काफी अधिक मात्रा में बस्तों में कागज भरे थे। जिन्हें आसानी से ले जाना किसी के बस की बात नहीं थी। फिर भी कमरे से रिकॉर्ड गायब हो गया। वहां पड़े सरकारी कागज किसी व्यक्ति के लिए बहुत अधिक उपयोगी भी नहीं थे, फिर कोई क्यों इन्हें चुरा ले गया। इन सवालों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे डाल दिया।

जिला अस्पताल, बूंदी के उप नियंत्रक डॉ.ओ.पी. वर्मा ने बताया कि रूम से बरसों पुराना सरकारी रिकॉर्ड चोरी होने की इंचार्ज ने जानकारी दी है। उन्होंने थाने में रिपोर्ट भी दी है। इस मामले में तथ्यात्मक जानकारी मांगी है।