7th Pay Commission: केंद्रीय सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, पेंशन से जुड़े नियमों में हुए अहम बदलाव

  • मोदी सरकार ने पेंशन के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है
  • पहले इसकी सीमा 45000 रुपये तक थी अब मोदी सरकार ने ढाई गुना तक बढ़ोतरी की है

By: Pratibha Tripathi

Published: 16 Feb 2021, 06:40 PM IST

नई दिल्ली। 7th Pay Commission: भारत सरकार ने कर्मचारियों के बाद उसके परिवार की आर्थिक मदद के लिए पेंशन योजना में बड़ा बदलाव किया है। नए बदलाव के विषय में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पारिवारिक पेंशन भुगतान की सीमा जो पहले 45 हजार रुपये थी उसे बढ़ा कर अब 1.25 लाख रुपये प्रति माह कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों के जीवन को सुगम बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ताकि उन्हें वित्तीय सुरक्षा मिल सके।

7th Pay Commission: 1 अप्रैल से होंगे बड़े बदलाव! सरकार और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की बढ़ सकती है सैलरी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने इस राशि के विषय में स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें कर्मचारी रहे माता या पिता की मृत्यु होती है तो पीड़ित बच्चा फैमिली पेंशन की दो किस्तें निकालने का हकदार होता है। पहले ये राशियां कम थीं लेकिन अब दो किस्तों में राशि बढ़ा कर 1.25 लाख रुपये कर दी गईं हैं। आपको बतादें सरकार के इस कदम से अब मौजूदा सीमा ढाई गुना बढ़ गई है।

इस नियम के विषय में बतादें केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमन 1972 के मुताबिक, यदि पति या पत्नी अथवा दोनों सरकारी सेवा में हैं तो वे इस नियम के दायरे में आते हैं। ऐस में यदि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उनका जीवित बच्चा अपने माता-पिता की दो फैमिली पेंशन पाने का हकदार होगा।

पर 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों में तय किया गया था कि ऐसे मामलों में दो फैमिली पेंशन जिसकी कुल राशि 45,000 रुपये प्रतिमाह और 27,000 रुपये प्रतिमाह, यानी 50 फीसदी और 30 फीसदी की दर से अधिकतम 90,000 रुपये ही हो सकता था।

Pratibha Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned