पीएम मोदी के विदेशी दौरे बावजूद के नहीं थमा निर्यात में गिरावट का दौर 

पीएम मोदी के विदेशी दौरों और विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के महत्वकांक्षी कार्यक्रम "मेक इन इंडिया" की जोर शोर से शुरूआत के बावजूद गठबंधन सरकार के पिछले एक वर्ष के शासन के दौरान निर्यात में गिरावट का रूख रहा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों, विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के महत्वकांक्षी कार्यक्रम "मेक इन इंडिया" की जोर शोर से शुरूआत और नई विदेश व्यापार नीति घोषित करने के बावजूद केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के पिछले एक वर्ष के शासन के दौरान निर्यात में गिरावट का रूख रहा है। 

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार निर्यात में दिसंबर 2014 से गिरावट का दौर चल रहा है। अप्रैल 2014 में कुल निर्यात 25 अरब 63 करोड़ डॉलर का रहा था जोकि अप्रैल 2015 तक 22 अरब पांच करोड़ डॉलर पर सिमट गया। 

आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2014 से मार्च 2015 के दौरान कुल मिलाकर 310 अरब 53 करोड़ डॉलर का निर्यात किया गया। इसी अविध निर्यात के 500 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा गया था। मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कई निर्णय ऐसे लिए हैं जिनसे विदेश व्यापार प्रणाली में आमूल चूल परिवर्तन हुआ है। 

इस वर्ष अप्रैल में नई विदेश व्यापार नीति की घोषणा की गई। इसमें कहा गया कि विदेश व्यापार के तौर तरीकों में परिवर्तन किया जाएगा और निर्यातकों को छूट, रियायत और सब्सिडी पर भरोसा नहीं करना चाहिए बल्कि नए बाजार तलाशने और निर्यात योग्य नई वस्तुओं की तलाश करनी चाहिए। 

नई विदेश व्यापार नीति में निर्यातकों को दी जा रही सभी प्रकार की छूट और रियायतों को वापस लेने की घोषणा करते हुए दो नई योजनाएं शुरू की जिन्हें विनिर्माण उद्योग और सेवा क्षेत्र से जोड़ा गया है। 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए सरकार ने कहा कि यूरोप और अमेरिका के परंपरागत बाजारों को छोड़कर निर्यातकों को अफ्रीका और एशिया के बाजारों की ओर देखना चाहिए। सरकार ने हस्तशिल्प, चाय मसाले, खनिज और कपास जैसे परंपरागत निर्यात के अलावा भारी औद्योगिक उत्पादों, इंजीनियङ्क्षरग उत्पादों, सूचना प्रौद्योगिकी तथा सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है। 

सरकार ने ऐसे 25 महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की है जिनमें भारत देश विश्व स्तर पर अग्रणी बन सकता है। ऑटोमोबाइल, रसायन, सूचना तकनीक, दवा, कपड़ा, बंदगाह, उड्डयन, चमड़ा, पर्यटन एवं आवभगत और रेलवे जैसे क्षेत्रों पर भी सरकार ने ध्यान दिया है।
 
राजग सरकार ने सितंबर 2014 रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले कार्यक्रम "मेक इन इंडिया" शुरू किया। इस कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री विदेशों में गए। उन्होंने विदेशी उद्योगपतियों से भारत में कारोबार करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत में बनाओ और दुनिया में बेचो।

मोदी भारतीय उत्पादों के लिए बाजार की तलाश में उन देशों में भी पहुंचे जहां अभी तक भारत को कोई शीर्ष नहीं गया था। उन्होंने यूरोप , अमेरिका, और पूर्वी एशिया देशों की यात्राएं की है। उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संबंध बनाने पर विशेष जोर दिया। निर्यातकों ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए छूट, रियात और अन्य सब्सिडी जारी रहनी चाहिए। इससे नयी विदेश व्यापार नीति के अगले पांच साल में 900 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। 

भारतीय निर्यातक महासंघ ने कहा कि निर्यात के क्षेत्र में गिरावट ङ्क्षचता का विषय है मार्च 2015 में यह गिरावट 21 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। 
pm modi
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