जानिए, हीरा व्‍यापारी नीरव मोदी ने कैसे खड़ा किया इतना बड़ा साम्राज्‍य?

Dhirendra Mishra

Publish: Feb, 15 2018 04:03:30 PM (IST) | Updated: Feb, 15 2018 04:10:28 PM (IST)

Business
जानिए, हीरा व्‍यापारी नीरव मोदी ने कैसे खड़ा किया इतना बड़ा साम्राज्‍य?

पीएनबी स्‍कैम से डायमंड टायकून नीरव मोदी दुनिया भर में छा गए लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्‍होंने हीरे का इतना बड़ा साम्राज्‍य कैसे खड़ा किया।

नई दिल्‍ली. पीएनबी स्‍कैम के बाद 46 वर्षीय भारतीय डायमंड व्‍यापारी नीरव मोदी रातोंरात दुनिया भर में छा गए। उन्‍हें हीरे की दुनिया में डायमंड टायकून के नाम से भी जाना जाता है। 2013 में भारतीय फोर्ब्‍स की सूची में शुमार हो गए थे। वो बेल्ज्यिम के डायमेंटेरिएंस परिवार से ताल्‍लुक रखते हैं। उनकी परवरिश एन्‍ट्वर्प में हुई। यूरोप के विभिन्‍न संग्रहालयों में भ्रमण करने के बाद उनकी रुचि हीरों के कारोबार में बढ़ी। भारत में अपने मामा से डायमंड का प्रशिक्ष्‍ाण लेने के बाद उन्‍होंने 1999 में फायरस्‍टर नाम से एक कंपनी की स्‍थापना की। नीरव मोदी पहले हीरे का पहले भारतीय कारोबारी हैं जिन्‍हें 2010 में क्रिकेट और सोथेबाय कैटलॉग के कवर पेज पर स्‍थान मिल चुका हैा

रिस्‍क टेकर हैं नीरव
डायमंड टायकून में रिस्‍क लेने की गजत की क्षमता है। छोटी आयु में ही वह दुनिया में हीरा व्यवसाय के केन्द्र के रूप में मशहूर बेल्जिमय के एंटवर्प शहर में धंधा करने चले गए थे। लेकिन उन्‍हें जिस चीज की तलाश थी वो वहां नहीं मिली। एंटवर्प को छोड़कर मुंबई लौट आए। अपने मामा मेहुल चौकसी से इस बिजनेस की बारीकियां सीखीं। हीरे के अपने शौक के लिए अमेरिका के मशहूर वार्टन स्कूल से बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। इस कारोबार में बदाशाहत हासिल करने और अपनी डिजाइनिंग क्षमता को धार देने के लिए यूरोप, अमरीका से लेकर इंडिया तक भटके। तब जाकर वो डायमंड टायकून बने।

प्रीमियर कस्‍टमर को करते हैं टारगेट
उन्‍हें पता है कि दुनिया में नाम बिकता है। इस फार्मूले पर उन्‍होंने अमल किया और हीरे के प्रीमियम कस्‍टमर्स को टारगेट कर कपना कारोबार बढ़ाया। 1990 में ही इस शख्स ने प्रीमियम कस्टमर्स की जरूरतों के मुताबिक हीरा सप्लाई करने लग गया था। रंग, वजन, साइज, डिजाइन के साथ आपको हीरे की जो भी किस्में चाहिए आप उसे बताइए वो इसकी डिलिवरी आपके डायनिंग रूम तक करता है।

हीरे की डिजाइनिंग पर देते हैं जोर
डायमंड टायकून स्‍पेशिएलिटी पर जोर देते हैं। उन्‍हें पता है कि लीक से हटकर प्रोडक्‍ट मार्केट में लाने पर ही अलग पहचान बनती है। इसलिए उन्‍होंने दुनिया भर के म्‍युजियम का दौरा किया और अपने पसंद के आकृतियों को डायमंड पर उकेरा। गोलकोंडा का नेकलेस उनके इसी सोच का नतीजा है।

पहली कामयाबी 16 करोड़ की
उन्‍हें पहली कामयाबी उस समय मिली जब 2010 में इनकी डिजाइन की गई गोलकोंडा हीरों का 12.29 कैरेट का एक नेकलेस 35.60 लाख डॉलर (लगभग 16 करोड़ रुपये) में बिका। इसके बाद इन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। हालांकि 2005 में ही नीरव मोदी अपनी कंपनी से सात गुणा बड़ी अमेरिकी कंपनी को खरीद चुके थे। नीरव मोदी अपनी कंपनी में सलाहकार के रूप में फेसबुक की कंट्री हेड कृतिका रेड्डी की सेवाएं ले चुके हैं।

हॉलीवुड और बॉलीवुड सेलेब्रिटीज को बनाते हैं ब्रांड एम्‍बेसडर
अंतरराष्ट्रीय ज्वेलरी मार्केट में नीरव मोदी जाना-माना नाम है। उनकी ज्वैलरी को केट विंसलेट , कार्ली क्लास जैसी अंतरराष्ट्रीय स्‍टार सहित ऐश्‍वर्या राय बच्‍चन, प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा , सोनम कपूर और लीजा हेडन जैसी भारतीय अभिनेत्रियां ऑस्कर जैसे समारोह में पहन चुकी हैं। इनमें कई नीरव की ब्रांड एंबेसडर भी रही हैं। दुनिया के डायमंड कैपिटल एंटवर्प में जन्मे नीरव नीरव मोदी ब्रांड नाम से ही अपना डायमंड प्रोडक्‍ट बेचते हैं।

दुनिया भर में है डायमंड स्‍टोर
उनकी प्रसिद्धि गोलकोंडा लोटस नेकलेस है । उन्‍होंने भारत में पहला डायमंड स्‍टोर 2014 में डिफेसं कॉलोनी नई दिल्‍ली में खेाला। इसके बाद 2015 में काला घोड़ा मुम्‍बई, न्‍यूयॉर्क और हॉगकॉंग में डायमंड का ग्‍लोबल बुटिक खोला। हॉंगकॉंग में उन्‍होंने 2016 में दो बुटिक खोला। इसके अलावा उनका स्‍टोर लंदन, सिंगापुर, बीजिंग और मकाऊ में भी है। नीरव का रूस, आर्मेनिया और दक्षिण अफ्रीका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं।

उनके खून में है हीरे का डीएनए
डायमंड को लेकर उनकी समझ इतनी शार्प है कि हीरे के कारेबारी कहते हैं उसके खून में ही डायमंड का DNA है। वह पत्थर के अंदर छिपी डिजाइन को निखारने और संवारने में माहिर है। जैसे एक कलाकार अपनी रचना को एक सुंदर रूप देता है उसी तरह वो हीरे को सुंदर और बेसकीमती रूप देने का जादूगर है। गुजरात का ये हीरा व्यापारी डायमंड के बिजनेस का शहंशाह है। 1990 के दशक में उन्होंने भांप लिया था कि कुछ ही सालों में हीरे की कटाई, घिसाई और पॉलिश के बिजनेस का केंद्र यूरोप से हिन्दुस्तान आने वाला है। इस जौहरी की ये परख सही थी। जब कुछ साल बाद गुजरात का सूरत और महाराष्ट्र का मुंबई दुनिया के हीरा व्यवसाय का केंद्र बन गया तो इन्होंने खूब मलाई काटी।

5 से 50 करोड़ तक का नगर बेचता है नीरम
हीरे का यह कारोबारी 5 लाख से लेकर 50 करोड़ के हीरे के नग तक बेचता है। इन्होंने अपने प्रोडक्ट को बेचने के लिए रोमानियाई मॉडल एंड्रिया डाइकोनू और ब्रिटिश मॉडल रोजी व्हाइटले को हायर किया है। यही नहीं, अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा उनकी कंपनी की ब्रांड एंबेसडर हैं। नीरव मोदी की कंपनी के बनाए गहने को ऑस्कर्स और गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड के दौरान भी पहना जाता है।

भारतीय फोर्ब्‍स की सूची में भी चमका
2017 में फोर्ब्स ने जब भारत के अरबपतियों की लिस्ट जारी की तो इसमें नीरव मोदी का 85वां नंबर था। नीरव आज नीरव मोदी चेन ऑफ डायमंड जूलरी रिटेल स्टोर के संस्थापक और क्रिएटिव डायरेक्टर हैं। इसके अलावा वह फायरस्टार इंटरनेशनल के चेयरमैन भी हैं। यह कंपनी नीरव मोदी के चेन स्टोर की पेरेंट कंपनी है। फोर्ब्स के मुताबिक, 2017 में फायरस्टार की आय 2.3 बिलियन डॉलर थी।

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