मोहन भागवत को राम मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर इस संत ने तीन दिन तक किया अनशन

उन्होेने कहा, श्रीराम जन्म भूमि पर बन रहे मंदिर में मुख्य पुजारी किसी दलित को बनाया जाए

चंदौली. राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन के बाद संत समाज में जहां एक तरफ मतभेद के मामले सामने आ रहे हैं, तो वहीं अयोध्या के तपस्वी अखाड़े के महंत परमहंस दास के अनशन पर बैठने के बाद जिला प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। महंत परमहंस मांग की मांग है कि राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट का अध्यक्ष आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को बनाया जाए।

लगातार तीन दिनों तक चले अनशन के बाद संत ने शुक्रवार को अपने अनशन समाप्त किया। मीडिया से बातचीत के दौरान महंत परमहंस दास नृत्य गोपालदास पर एक बार फिर हमलावर दिखे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो लोग इस ट्रस्ट का विरोध कर रहे हैं, वह सिर्फ पद प्रतिष्ठा और पैसे की खातिर ट्रस्ट में शामिल होना चाहते हैं। अनशन समाप्त होते ही परामहंसाचार्य जी ने एक बड़ा बयान दिया कि श्रीराम जन्म भूमि पर बन रहे मंदिर में मुख्य पुजारी किसी दलित को बनाया जाए । यही नही उन्होंने नृत्य गोपाल दास पर जमकर हमला भी बोला ।

दरअसल मुग़लसराय तहसील के समीप बिलरीडीह गावँ में शिव मंदिर के पार श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट निर्माण का संघ प्रमुख मोहन भागवत को अध्यक्ष बनाये जाने की मांग को लेकर अयोध्या के रामघाट स्थित तपस्वी छावनी के जगतगुरु परमहंसाचार्य महाराज जी तीन दिन से अनशन पर थे । जब ये जानकारी जिला प्रशासन को हुई तो खलबली मच गई । गुरुवार को एसडीएम मुग़लसराय व सीओ सदर परामहंसाचार्य से मिलने पहुंचे और उनको समझाने का प्रयास किया । परामहंसाचार्य जी के अनशन को देखते हुए गुरुवार की शाम डॉक्टर्स की टीम ने उनके स्वास्थ्य का चेकअप भी किया ।जिसमें उनकी सेहत सामान्य बताई गई । अनशन के तीसरे दिन परामहंसाचार्य ने शिव मंदिर प्रांगण में यज्ञकुंड बनावाया और श्रीराम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण के बाबत यज्ञ शुरू किया ।

मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पहुंचे । इस दौरान परामहंसाचार्य ने यज्ञ में आहुति के साथ दिल्ली में बीजेपी की जीत का अशीर्वाद देते हुए अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की । एसडीएम मुग़लसराय व सीओ सदर ने गाय का दूध पिलाकर परामहंसाचार्य का अनशन तुड़वाया ।

मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान दिया । उन्होंने कहा कि अयोध्या में बनने वाले भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का पुजारी कोई दलित हो । जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने केवट को गले लगाया था । जिस प्रकार मोदी जी ने कुम्भ में दलित का पैर पखारा था । उसी तरह समाज को जोड़ने के लिए मुख्य पुजारी दलित को बनाया जाए । परामहंसाचार्य जी ने नृत्य गोपालदास जी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने भगवान राम के मंदिर निर्माण के नाम पर बहुत धन इकट्ठा किया है । उनको मंदिर निर्माण के लिए ये सारा धन स्वेच्छा से दान कर देना चाहिए ।

केंद्र सरकार नृत्य गोपाल दास जी को ट्रस्ट में शामिल करने के बारे में दोबारा विचार न करें ये ठीक नही है । वहीं पत्रक लेने पहुंचे एसडीएम कुमार हर्ष ने बताया कि की बाबा का पत्रक ले लिया गया है और ये पत्रक डीएम साहब को भेजा जाएगा । उनके यहां से पत्रक शासन को भेजा जाएगा ।

Ram Mandir
Ashish Shukla Desk
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