सिमनरजीत कौर Tokyo Olympics के लिए क्वालीफाई होने वाली पहली पंजाबी महिला मुक्केबाज बनीं

-विश्व की नंबर दो मुक्केबाज़ मंगोलिया की नमोनखोर को 5-0 अंकों से हराया

-सिमर ने 2018 में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में से कांस्य पदक जीता था

-पंजाब के मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी और अरुणा चौधरी ने दी मुबारकबाद

By: Bhanu Pratap

Published: 12 Mar 2020, 10:10 AM IST

चंडीगढ़। मुक्केबाज सिमरनजीत कौर ((Boxer Simranjeet Kaur) ) टोक्यो ओलंपिक खेल के लिए क्वालीफ़ाई होने वाली पहली पंजाबी महिला मुक्केबाज़ बन गई है। पंजाब से वह एकमात्र मुक्केबाज़ थी जो भारतीय टीम (India Team) में चुनी गई थी। वह अब टोकियो ओलंपिक खेल-2020 (2020 Summer Olympics) Tokyo Olympics में भारत (India) का प्रतिनिधित्व करेगी। पंजाब के खेल मंत्री (Punjab Sports Minister) राणा गुरमीत सिंह सोढी (Rana Gurmeet Singh Sodhi) और सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री (Social Security Women and Child Development Minister) श्रीमती अरुणा चौधरी (Aruna Chaudhary) ने मुक्केबाज़ सिमरनजीत कौर (Boxer Simranjeet Kaur) को ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मुबारकबाद दी है।

Simranjet kaur

विश्व की नंबर दो मुक्केबाज को हराया

यहाँ जारी बयान में राणा सोढी ने कहा कि सिमरनजीत कौर बाठ ने भारतीय मुक्केबाज़ी में पंजाबियों का गौरव बढ़ाया है। उसने क्वार्टर फाइनल में विश्व की नंबर दो मुक्केबाज़ मंगोलिया की नमोनखोर को 5-0 अंकों से हराकर टोक्यो की ओलंपिक खेल के लिए टिकट पक्की कर ली है। इसके बाद उसने सेमीफाइनल मुकाबला भी जीत लिया। राणा सोढी ने सिमर को ओलंपिक खेल की तैयारी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आशा अभिव्यक्त की कि टोकियो ओलम्पिक्स में भी वह राज्य और देश का नाम रौशन करेगी।

2018 में कांस्य पदक जीता

सिमर चकर के नाम से जानी जाती यह 24 साल की मुक्केबाज़ लुधियाना जि़ले के गाँव चकर की रहने वाली है। 2008 से उसने चकर की शेरे पंजाब स्पोर्टस एकेडमी से मुक्केबाज़ी सीखनी शुरू की थी। सिमर ने 2018 में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप दिल्ली में से काँस्य पदक जीतकर अपने गाँव चकर को चर्चा में लाया था।

aruna chaudhary

महिलाओं का नाम चमकाया

इसी दौरान अरुणा चौधरी ने सिमर चकर को ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि सिमर ने पंजाबी महिलाओं का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है जिस पर पूरे राज्य को गर्व है। उन्होंने कहा कि यह पंजाबियों और ख़ासकर महिलाओं के लिए गर्व वाली बात है।

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