मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह किसानों का पूरा कर्ज माफ करें या माफी मागें

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह किसानों का पूरा कर्ज माफ करें या माफी मागें

Shankar Sharma | Publish: May, 17 2018 10:34:29 PM (IST) Chandigarh, Punjab, India

किसानों की सिलसिलेवार आत्महत्या की घटनाओं पर एक बार फिर कैप्टेन अमरिंदर सिंह के नेतृृत्व वाली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार बताया है।

चंडीगढ। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने किसानों की सिलसिलेवार आत्महत्या की घटनाओं पर एक बार फिर कैप्टेन अमरिंदर सिंह के नेतृृत्व वाली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार बताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैहरा ने मांग की है कि मुख्यमंत्री प्रदेश के किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ करे या फिर माफी मांगें।


खैहरा ने पत्रकारों से बातचीत में यहां कहा कि कैप्टेन अमरिंदर सिंह सरकार के एक साल के कार्यकाल में 423 किसान आत्महत्या कर चुके है। पिछले 15 मई को एक दिन में पांच किसानों ने आतमहत्या की है। अमरिंदर सरकार की कर्ज माफी मजाक बनकर रह गई है। किसान राहत न मिलने पर आत्महत्या के लिए मजबूर है। उन्होंने कहा कि इन आत्महत्याओं के लिए पंजाब सरकार ही नहीं केन्द्र सरकार भी जिम्मेदार है। केन्द्र की मौजूदा सरकार ने एनपीए के नाम पर कार्पोरेट के लाखों करोड के कर्ज माफ कर दिए लेकिन पंजाब के किसान का एक लाख करोड का कर्ज माफ नहीं किया जा रहा।


उन्होंने कहा कि पंजाब में किसानों की आत्महत्या के मुद््दे पर तुरन्त विधानसभा का तीन दिन विशेष सत्र बुलाकर चर्चा कराई जाए। खैहरा ने लाम्बी विधानसभा क्षेत्र के खुडिया वाले पुल से एकत्र किया गया गंदा पानी दिखाते हुए कहा कि सरहिंद कैनाल के जरिए यह पानी पेयजल के लिए दिया जा रहा है। इस पानी को शुद्ध करने की कोई व्यवस्था नहीं है। इतना गंदा पानी पीने से लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के शिकार होंगे। उन्होंने कहा कि वे गंदे पानी की आपूर्ति का मुद््दा नेशनल ग्रीन ट््िब्यूनल तक ले जायेंगे।


खैहरा ने फिरोजपुर में वृृद्ध महिलाओं की जमीन पर अतिक्रमण किए जाने का मुद््दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब वे उन महिलाओं की समस्या जानने गए तो स्थानीय कांग्रेस विधायक के समर्थकों ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया और पुलिस के हैड कांस्टेबल की वर्दी फाड दी।

पुलिस ने इस घटना की रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ दर्ज की। जबकि घटना का वीडियो उपलब्ध है और अभियुक्तों का पहचाना जा सकता है। यदि अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तो वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना शुरू करेंगे। खैहरा ने यह भी कहा कि पंजाब को सरप्लस बिजली वाला प्रदेश तो बताया जा रहा है लेकिन बिजली आपूर्ति में कटौती की जा रही है।

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