(पत्रिका ब्यूरो,चंडीगढ): पंजाब में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए केन्द्र के सहयोग से संचालित पोस्टमैट्रिक स्काॅलरशिप स्कीम के आॅडिट में जो तथ्य सामने आए हैं उनसे स्कीम में व्हाइट काॅलर क्राइम की तर्ज पर घोटाला साबित हो रहा है। आॅडिट में पता चला है कि निजी संस्थानों ने ही नहीं, सरकारी शिक्षा संस्थानों ने भी घोटाले में अपना हिस्सा बटाया है। इस तरह की शिकायतों के मद्येनजर केन्द्र सरकार ने छात्र के शिक्षा सत्र की पढाई पूरी कर लेने पर फीस उनके खाते में ही जमा कराने की नीति तय की है और फीस अग्रिम न मिलने पर निजी शिक्षा संस्थान तो अनुसूचित जाति छात्रों को प्रवेश देने को तैयार नहीं है। अनुसूचित जाति समुदाय के प्रतिनिधियों के आकलन के अनुसार केन्द्र सरकार की इस नीति से पंजाब में अनुसूचित जाति छात्रों के काॅलेज प्रवेश में 35 फीसदी कमी आई है।