दो घंटे से भी कम समय में सेलम से चेन्नई ले जाया गया ब्रेन-डेड युवक का अंग

ब्रेन-डेड युवक ने अपने अंगोंसेलम में विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा दुर्घटना पीडि़तों के दिल और फेफड़ों को निकाला गया और दोनों अंगों के परिवहन के लिए सेलम और चेन्नई में एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। से दो मरीजों को बचाया

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 21 Jun 2021, 06:57 PM IST

चेन्नई.

एमजीएम हेल्थकेयर में 27 साल के एक ब्रेन-डेड युवक ने अपने अंगों से दो मरीजों को बचाया। एक निजी अस्पताल एमजीएम हेल्थकेयर ने जारी एक बयान में कहा कि सडक़ दुर्घटना में मस्तिष्क में चोट लगने के बाद युवक को सेलम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विशेषज्ञों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।

एक स्वीकृत ब्रेन डेथ सर्टिफिकेट और परिवार के गहन परामर्श के बाद वे कुछ व्यक्तियों के जीवन को बचाने के लिए उनके अंग दान करने पर सहमत हुए। सेलम में विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा दुर्घटना पीडि़तों के दिल और फेफड़ों को निकाला गया और दोनों अंगों के परिवहन के लिए सेलम और चेन्नई में एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

एमजीएम हेल्थकेयर के अनुसार, अंगों को सेलम से एयरलिफ्ट किया गया और हेलीकॉप्टर का उपयोग कर दो घंटे से भी कम समय में चेन्नई ले जाया गया। एमजीएम हेल्थकेयर के विशेषज्ञों ने गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नया जीवन देने के लिए जीवन रक्षक सर्जरी की। दोनों मरीज स्थिर हैं और किसी भी संक्रमण से बचने के लिए सभी आवश्यक कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सर्जरी की गई। उसके बाकी अंगों को दूसरे अस्पतालों में भेज दिया गया।

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