अस्थमा के प्रभावी प्रबंधन के लिए अभियान की शुरुआत

अस्थमा के प्रभावी प्रबंधन के लिए अभियान की शुरुआत

Santosh Tiwari | Publish: Sep, 06 2018 08:59:37 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

बच्चों में बढ़ रहे अस्थमा के मामले


चेन्नई.
अस्थमा के प्रभावी प्रबंधन के लिए चेन्नई में मंगलवार को बेरोकजिंदगी की शुरुआत हुई। इस अभियान के जरिए लोगों में अस्थमा को लेकर चर्चा करने के साथ साथ जागरूकता पैदा की जाएगी। यहां किए गए एक रिसर्च के अनुसार 10 अस्थमा रोगियों में सात इन्हेलेशन थिरेपी का प्रयोग नहीं करते। चिकित्सक सही इलाज के बारे में जानकारी देंगे। अपोलो हास्पिटल के कंसल्टेंट पल्मोनोलोजिस्ट डा.रनसिम्हन ने संवाददाताओं को बताया कि चेन्नई में इसके अधिक मामले आने का कारण वायु प्रदूषण और धूम्रपान है। इसके अलावा बच्चों का सही इलाज न हो पाना। इसके साथ ही वायरल संक्रमण, सीजनल वैरिएशंस तथा अभिभावकों की लापरवाही से इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। इसके कारण फेफड़े के रोग भी बढ़ रहे हैं। इस अभियान के तहत 15 सितम्बर से जागरूकता पैदा की जाएगी। रोगियों को रोकथाम के बारे में शिक्षित किया जाएगा। समय रहते इसका इलाज भी जरूरी है। इस तरह के प्रयासों से अटैक को रोका जा सकेगा। इस मौके पर डा.मेहता चिल्ड्रेन्स हास्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर के डा.ए.बालाचंदर तथा सिपला के वाइस प्रेसिडेंट नित्या बालासुब्रमण्यन ने भी विचार व्यक्त किए।

इसके अलावा बच्चों का सही इलाज न हो पाना। इसके साथ ही वायरल संक्रमण, सीजनल वैरिएशंस तथा अभिभावकों की लापरवाही से इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। इसके कारण फेफड़े के रोग भी बढ़ रहे हैं। इस अभियान के तहत 15 सितम्बर से जागरूकता पैदा की जाएगी। रोगियों को रोकथाम के बारे में शिक्षित किया जाएगा। समय रहते इसका इलाज भी जरूरी है। इस तरह के प्रयासों से अटैक को रोका जा सकेगा। रोगियों को रोकथाम के बारे में शिक्षित किया जाएगा। समय रहते इसका इलाज भी जरूरी है। इस तरह के प्रयासों से अटैक को रोका जा सकेगा। इस मौके पर डा.मेहता चिल्ड्रेन्स हास्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर के डा.ए.बालाचंदर तथा सिपला के वाइस प्रेसिडेंट नित्या बालासुब्रमण्यन ने भी विचार व्यक्त किए।

 

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