Koyambedu Market: चार महीने बाद आज कोयम्बेडु किराना व अनाज बाजार के 60 प्रतिशत दुकानें खुली

- कभी था राज्य का सबसे बड़ा कोरोना हॉटस्पॉट

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 18 Sep 2020, 05:36 PM IST

चेन्नई.

तमिलनाडु में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आखिकरकार 4 महीने बाद कोयम्बेडु थोक बाजार शुक्रवार को खुल गया। पहले दिन किराना और अनाज के करीब 60 प्रतिशत दुकानें खुली। एक दुकानदार पी. पांडियाराजन ने बताया कि अनाज दुकानों की तुलना में अन्य दुकानें कम खुली।

पहले की तरह ट्रैफिक जाम या भीड़-भाड वाली स्थिति भी नहीं है। पहले दिन ग्राहक नदारद दिखे। उन्होंने कहा कि व्यपार को जोर पकडऩे में समय लगेगा। पहले दिन वाहनों की संख्या भी कम थी। पांडियाराजन का कहना है कि बाजार में कुल 240 दुकानें है, लेकिन बाजार खुलने के पहले दिन केवल 130 दुकानें खुली। कई दुकानदार स्टॉक रख रहे और सफाई कर वापस जा रहे थे। कुछ दुकानदारों से बात करने पर पता चला कि वे अगले सप्ताह से दुकान खोलेंगे। कोयम्बेडु मार्केट मैनेंजमेंट कमिटी ने कोरोना संकट से बचने के लिए कई उपाय और पाबंदिया लगाई है और दुकानदारों और वाहन चालकों को पालन करने के निर्देश दिए गए है।

ज्ञातव्य है कि ये कोयम्बेडु मार्केट इस साल अप्रैल में तमिलनाडु के सबसे बड़े कोविड-19 हॉटस्पॉट में से एक के रूप में उभरा था, लेकिन अब थोक व्यापारियों के बार-बार अनुरोध के बाद शुक्रवार को इसे फिर खोल दिया गया।

तमिलनाडु सरकार ने कोयम्बेडु स्थित थोक बाजार के किराने और अनाज के बाजार को फिर से खोलने की अनुमति दी है। जबकि दस दिन बाद 28 सितम्बर से फल, फूल और सब्जी व्यापारियों को कॉम्प्लेक्स के अंदर अपनी दुकानों को फिर से खोलने की अनुमति दी जाएगी।

इस कदम का स्वागत करते हुए चेन्नई कोयम्बेडु फूड ग्रेन कोस्टल होलसेल एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदीरन ने कहा, "जब हमारा बाजार दूसरे स्थान पर था, तब से हम जनता से हमारा लगभग संपर्क टुट गया था। हालांकि, अब हम खुश हैं कि हमारी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। मैं सभी विक्रेताओं से अनुरोध करता हूं कि वे शारीरिक दूरी बनाए रखें, मास्क पहनें और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

राज्य के व्यापारियों के लिए राहत लगभग चार महीने बाद आई है। इस बाजार को 5 मई बंद को कर दिया गया था, फिर बाजार को अस्थायी रूप से चेन्नई के उपनगरों में स्थानांतरित कर दिया गया था, जो व्यापारियों के लिए बहुत निराशाजनक था।

एक व्यापारी मुरुगन का कहना है कि शुरू में लॉकडाउन के दौरान कोई व्यापार नहीं था क्योंकि अधिकारियों ने उन्हें माल भेजने की अनुमति नहीं दी थी। बाद मे व्यापारियों को कुछ सामान निकालने की अनुमति दी गई। इससे व्यपार को लाखों या करोड़ों में नुकसान हुआ।

कोयम्बेडु मार्केट के तीन हजार से अधिक विके्रता और व्यापारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद बाजार को बंद कर दिया गया था। ये देश के सबसे बड़े थोक बाजारों में से एक के रूप में जाना जाता है। ये बाजार विभिन्न जिलों से नए मामलों के साथ सबसे बड़े क्लस्टर में बदल गया था।

PURUSHOTTAM REDDY
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