सीएम ने मेटूर बांध से सिंचाई के लिए छोड़ा पानी

मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी ने गुरुवार को सेलम जिले के मेटूर बांध से डेल्टाई जिलों में कृषि कार्यों के लिए पानी...

By: मुकेश शर्मा

Published: 20 Jul 2018, 06:00 AM IST

कोयम्बत्तूर।मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी ने गुरुवार को सेलम जिले के मेटूर बांध से डेल्टाई जिलों में कृषि कार्यों के लिए पानी छोड़ा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बांध के पास राज्य की खुशहाली के लिए पूजा-अर्चना की।

इस मौके पर उन्होंने कहा प्रथम चरण में कुल २,००० क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जिससे कई जिलों के किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, हालांकि कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में कावेरी मुद्दे पर राज्य का पक्ष समुचित तरीके से नहीं रखने का आरोप लगाते हुए एआईएडीएमके सरकार की आलोचना की थी लेकिन इस मुद्दे पर मिली कानूनी जीत ने उनको खामोश कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि पलनीस्वामी राज्य के पिछले ८३ वर्ष के इतिहास में पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने मेटूर बांध से पानी छोड़ा। इस मौके को ऐतिहासिक व सरकार की जीत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन व जयललिता के पदचिन्हों पर चलकर राज्य को कावेरी के पानी का समुचित हिस्सा दिलाने में सफल रही है। उन्होंने आशा जताई कि इंद्रदेव की कृपा से बांध का जलस्तर अगले कुछ दिनों में १०९ फीट से बढक़र १२० फीट तक पहुचं जाएगा और चरणबद्ध तरीके से और पानी छोड़ा जाएगा।

पलनीस्वामी ने कहा कि राज्य के लगभग सभी बांधों व जलाशयों में भरपूर पानी है। सिरुवानी, मुल्ला पेरियार, अमरावती और भवानीसागर लबालब भरे हैं।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मेटूर में दो करोड़ की लागत से गरीबों व पिछड़ों के हक के लिए संघर्ष करने वाले टीटीपी नेता रामसामी पदयाच्चियार की स्मृति में एक समारक स्तंभ बनाया जाएगा जिसमें उनकी आदमकद कांस्य प्रतिमा लगाई जाएगी और पार्क का निर्माण किया जाएगा।

बांध का जलस्तर १०९ फीट के पार

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ के.ए. सेंगोट्टयन, पी. तंगमणि, वी. सरोजा, के. पी. अनबझगण, के.सी. करुप्पन और एम. आर. विजयभास्कर सहित अन्य उच्च पदाधिकारी उपस्थित थे। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि चार साल के लंबे अंतराल के बाद मेटूर बांध का जलस्तर १०९ फीट के पार हुआ है। अधिकारियों ने काबिनी और कृष्णराजा सागर के अतिरिक्त पानी छोडऩे पर कर्नाटक का आभार भी जताया। जलस्तर १०९ फीट पहुंचने के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बांध पर पूजा अर्चना भी की।

अधिकारियों ने बताया पिछले साल इसका जलस्तर ९४.८ फीट पहुंचने के बाद अगस्त महीने में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया था, लेकिन इस बार जुलाई में ही जलस्तर १०९ फीट तक पहुंच गया। अधिकारियों ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी कुछ दिनों में इस बांध का जलस्तर १२० फीट की अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच जाएगा।

मुकेश शर्मा Reporting
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