script नया खतरा: प्रदूषण व बदलते मौसम में सांस रोगियों की बढ़ी मुश्किलें, सीओपीडी के मामले भी बढ़े | COPD cases rises in Chennai | Patrika News

नया खतरा: प्रदूषण व बदलते मौसम में सांस रोगियों की बढ़ी मुश्किलें, सीओपीडी के मामले भी बढ़े

locationचेन्नईPublished: Jan 22, 2024 06:51:52 pm

Submitted by:

PURUSHOTTAM REDDY

- चेन्नई में अस्पतालों में बढऩे लगे मरीज

नया खतरा: प्रदूषण व बदलते मौसम में सांस रोगियों की बढ़ी मुश्किलें, सीओपीडी के मामले भी बढ़े
नया खतरा: प्रदूषण व बदलते मौसम में सांस रोगियों की बढ़ी मुश्किलें, सीओपीडी के मामले भी बढ़े

चेन्नई.

महानगर में प्रदूषण का बिगड़ता स्तर और बदलता मौसम लोगों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल रहा है। महानगर में बिगड़े प्रदूषण के कारण क्रॉनिक ऑब्स्टेक्ट्री पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। महानगर में तापमान में कमी और प्रदूषण के साथ ही सांस रोगियों की दुश्वारियां बढऩे लगी हैं। सांस उखडऩे, अस्थमा और सीओपीडी अटैक के मरीज गंभीर स्थिति में राजीव गांधी सरकारी अस्पताल (आरजीजीजीएच) में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में उठापटक के चलते ब्रेन से स्टेरॉयड हॉर्मोंस का रिसाव प्रभावित होता है। भोर पहर यानी दो से चार बजे तक इसका रिसाव कम होता है, इसलिए सांस अधिक उखड़ती है।

महिलाओं में बढ़े मामले
चेन्नई स्थित आरजीजीजीएच से जुड़े पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. विनोद कुमार के अनुसार अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में सांस के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रदूषण के कारण सांस के पुराने एवं नए मरीजों की दिक्कतत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में भी सीओपीडी के मामले बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि लक्षणों को बढऩे से रोकने के लिए लोगों को शिक्षित किया जाना चाहिए।

इलाज नहीं कराते मरीज
ईएसआईसी अस्पताल के एक अन्य पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. लोगमूर्ति ने बताया कि क्रोनिक आब्सट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी सीओपीडी का अटैक पडऩे से दम फूलने लगता है, जिससे चलना-फिरना दुश्वार हो जाता है। मरीज सीओपीडी उपचार का पालन नहीं करते हैं। कई मरीज सीओपीडी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर देते हैं और इलाज नहीं कराते हैं।

क्या होता है सीपीओडी
डॉक्टर के मुताबिक, फेफड़े बहुत स्पॉन्जी होते हैं, जब हम सांस के जरिए हवा अंदर लेते हैं, तो ऑक्सीजन हमारे खून के अंदर मिल जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर चली जाती है, लेकिन सीओपीडी एक ऐसा रोग है जो इस प्रक्रिया को रोकता है। सीओपीडी के मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है और ऑक्सीजन उनके शरीर में पूरी तरह नहीं पहुंच पाती।

समस्या की यह है मुख्य वजह
विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं और हम सांस से जुड़ी समस्याओं और वायरल रोगों में वृद्धि देख सकते हैं। हालांकि, यह प्रदूषण है जो इस वृद्धि का मुख्य कारण है। वायु प्रदूषण की घातक प्रकृति, प्रदूषक हमारे फेफड़ों में घुसपैठ करते हैं। प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहने के कारण वयस्क और बच्चे दोनों ही इन समस्याओं की चपेट में हैं।

संक्रमण से ऐसे करें बचाव
डॉक्टरों के अनुसार अच्छी जीवशैली को अपनाया जाए। जिन इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब है या वायु काफी प्रदूषित है तो वहां जाने से बचना चाहिए। प्रदूषण के कारण वातावरण में सूक्ष्म कण बढ़ जाते हैं। जो दिखाई नहीं देते परंतु यह सांस के जरिये शरीर के अंदर प्रवेश कर समस्या को बढ़ा देते हैं।

ट्रेंडिंग वीडियो