चेन्नई में पुलिस सख्ती के बाद 86 प्रतिशत वाहन चालक हेलमेट पहन रहे

- दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को कम करने पर होगा

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 16 Sep 2021, 05:42 PM IST

चेन्नई.

ग्रेटर चेन्नई पुलिस द्वारा सडक़ दुर्घटना कम करने के लिए चलाए जा रहे तमाम जागरूकता कार्यक्रम का असर दिखने लगा है। पुलिस प्रशासन की दबिश के बाद महानगर में हेलमेट पहनने वालों की संख्या 72 प्रतिशत से बढकऱ 86 प्रतिशत हो गई है।

दुर्घटनाएं कम करने के लिए उपाय
इस साल एक जनवरी से सात सितम्बर की अवधि के दौरान चेन्नई में सडक़ यातायात दुर्घटनाओं के विश्लेषण से पता चला है कि 659 पीडि़तों ने अपनी जान गंवाई और 3,325 लोग सडक़ यातायात दुर्घटनाओं में घायल हुए। जिनमें से 26 प्रतिशत (173) लोगों की मौत हुई और 37 प्रतिशत (1,214) घायल दुपहिया वाहन चालक थे।

सडक़ दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें हेलमेट नहीं पहनने से होती है। ऐसे में घातक दुर्घटनाओं में 74 प्रतिशत (126) और 86 प्रतिशत (1056) घायलों ने हेलमेट नहीं पहना था। पुलिस सूत्रों ने कहा कि महानगर पुलिस यातायात नियमों को लागू करने के लिए कई उपाय कर रहा है ताकि दुर्घटनाओं और दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को कम किया जा सके।

ऐसे आया बदलाव
जून 2021 में चेन्नई के प्रमुख जंक्शनों पर हेलमेट नियम के अनुपालन पर अध्ययन किया गया और यह पाया गया कि केवल 72 प्रतिशत दुपहिया वाहन चालक ही हेलमेट पहनते है। इसके बाद पुलिस ने पुलिस ने कार्रवाई का चाबुक चलाया और जागरूकता अभियान चलाया। यातायात पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 3,58,548 मामले दर्ज किए, जिनमें से 1,29,240 मामला दुपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट नहीं पहनने का था। पुलिस के निरंतर प्रयासों के कारण हेलमेट पहनने वाले चालकों की संख्या 72 प्रतिशत से बढकऱ 86 प्रतिशत हो गई है।

विशेष अभियान व जागरूकता अभियान जारी

ग्रेटर चेन्नई पुलिस कम से कम दुर्घटनाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान और जागरूकता अभियान जारी रखेगी कि सभी दुुहिया वाहन सवार और पीछे बैठने वाले हेलमेट नियम का पालन करें। पुलिस ने वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अमूल्य जीवन को बचाने और दुर्घटना मुक्त शहर के मिशन में ग्रेटर चेन्नई पुलिस को अपना पूरा सहयोग दें।

PURUSHOTTAM REDDY
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned