Tamilnadu: छात्रावास में अव्यवस्थाओं का बोलबाला

मद्रास हाइकोर्ट (Madras highcourt) ने आदि द्रविदर एवं जनजाति कल्याण सचिव को निर्देश दिया कि वह दयनीय एवं खराब हालात में पड़े सैदापेट के एमसी राजा छात्रावास (hostel) का निरीक्षण करें।

चेन्नई. मद्रास हाइकोर्ट ने आदि द्रविदर एवं जनजाति कल्याण सचिव को निर्देश दिया कि वह दयनीय एवं खराब हालात में पड़े सैदापेट के एमसी राजा छात्रावास का निरीक्षण करें।
खंडपीड के न्यायाधीश एम. सत्यनारायण एवं न्यायाधीश एम. निर्मल कुमार की बेंच ने विल्लुपुरम जिले के मन्नूर गांव के एस. अनंतराज की जनहित याचिका पर यह निर्देश दिया। न्यायालय ने निर्देश दिया कि छात्रावास में शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, कॉमन स्टडी रूम की बेहतर व्यवस्था के इंतजाम किए जाएं। ताकि छात्र अपना अध्ययन सुचारू रूप से कर सकें। याचिकाकर्ता के वकील विजेन्दर की ओर से पेश किए फोटोग्राफ्स को आधार मानते हुए न्यायालय ने सचिव को निर्देश दिया कि वे 28 नवम्बर को फोटोग्राफ्स एवं आवश्यक दस्तावेज के साथ पेश हों।

संचालन का जिम्मा तमिलनाडु सरकार पर
याचिकाकर्ता 2010 से 2013 के दौरान इस छात्रावास में रूका था। तब उसने प्रेसीडेन्सी कॉलेज से बीएससी वनस्पति शा में पूरी की। जब 21 सितम्बर 2019 को उसने छात्रावास को दौरा किया तो अव्यवस्था मिली। छात्रावास के संचालन का जिम्मा तमिलनाडु सरकार पर है। छात्रावास तमिल राजनीतिक राव बहादुर मइल चिन्ना तम्बी राजा के नाम पर है। स्नातक के बाद वे जस्टिस पार्टी में शामिल हुए। 1943 में उनका निधन हो गया। तमिलवनाडु सरकार एमसी राजा के नाम से सइदापेट में इस छात्रावास का संचालन कर रही है।

छात्रावास की हालत दयनीय
याचिकाकर्ता के वकील विजेन्द्रन ने तर्क दिया कि छात्रावास की हालत दयनीय है। छात्रावास का रखरखाव नहीं हो रहा।
याचिकाकर्ता ने बजट की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस छात्रावास के लिए बजट की राशि खर्च की जा सकती है। छात्रावास में जगह-जगह कचरा बिखरा है। कंबलों की आपूर्ति नहीं हो रही। खिड़कियां टूटी हुई हैं तो ऑलमारियां भी क्षतिग्रस्त है। जल सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

कमरों की सफाई नहीं हो रही

नियमित सफाई के अभाव में मच्छर पैदा हो चुके हैं। कमरों की सफाई नहीं हो रही। चद्दरे भी नहीं बदली जा रही है। इसके बाद न्यायालय ने आदि द्रविदर एवं जनजातिय कल्याण सचिव को छात्रावास का निरीक्षण करने एवं व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश दिया।

Ashok Rajpurohit
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