मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Ritesh Ranjan | Publish: Apr, 20 2019 04:52:22 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

शांतिपूर्ण मतदान के बाद मतगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए मतदान समाप्त होने के बाद विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवारों, एजेंटों तथा मतदान केंद्र पर तैनात अधिकारियों की मौजूदगी में लॉक एवं सील की गई मशीनों को मतगणना केंद्र पर पहुंचाने के बाद वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

चेन्नई. शांतिपूर्ण मतदान के बाद मतगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए मतदान समाप्त होने के बाद विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवारों, एजेंटों तथा मतदान केंद्र पर तैनात अधिकारियों की मौजूदगी में लॉक एवं सील की गई मशीनों को मतगणना केंद्र पर पहुंचाने के बाद वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ए.के. विश्वनाथन ने एक संवाददाता सम्मेलन में यहां की सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मतदान केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए इन केंद्रों पर अद्र्धसैनिक बलों तथा राज्य पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। चेन्नई नार्थ एवं पेरंबूर क्षेत्र की ईवीएम मशीनों को क्वींस मैरी कॉलेज, सेंट्रल चेन्नई की मशीनें लॉयला कॉलेज तथा साउथ चेन्नई की ईवीएम मशीनों को अन्ना विश्वविद्यालय में रखा गया है। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए 1 हजार पुलिस कर्मियों के अलावा हर केंद्र पर एक सहायक आयुक्त को भी तैनात किया गया है। रिटर्निंग अधिकारी एवं उनके अधिकारी भी इन केंद्रों की सुरक्षा पर नजर बनाए रखेंगे। इसके अलावा राजनीतिक दल भी अपने प्रतिनिधि वहां रख सकते हैं। इन सब के अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी इन केंद्रों पर निगरानी रखी जाएगी।

मतदाताओं के लिए मददगार साबित हुआ वोटर हेल्पलाइन ऐप
- भारतीय निर्वाचन आयोग ने बनाया था
चेन्नई. मतदाताओं की मदद के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा शुरू हालिया वोटर हेल्पलाइन नामक मोबाइल ऐप काफी मददगार साबित हुआ। उन मतदाताओं को इससे काफी मदद मिली जो बिना बूथ स्लिप के मतदान करने गए थे। हालांकि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता या राजस्व विभाग के कर्मचारी मतदाताओं तक खुद बूथ स्लिप पहुंचाते हैं लेकिन कई शहरी इलाकों में इस बार यह संभव नहीं हो सका। ऐसे में यह ऐप इन मतदाताओं और मतदान कर्मियों दोनों के लिए काफी सहायक साबित हुआ। एक मतदाता ने बताया कि विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं से संपर्क करने के बावजूद उसे बूथ स्लिप नहीं मिल सकी लेकिन जब उसने बूथ पर तैनात पीठासीन अधिकारी से मदद मांगी तो उसने इस ऐप की मदद से उसे पूरा विवरण उपलब्ध करा दिया।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned