आज के दौर में बढ़ रही हिंदी की अहमियत

आज के दौर में बढ़ रही हिंदी की अहमियत

P.S.Vijayaraghavan | Publish: Sep, 10 2018 11:50:08 AM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

विभिन्न तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर हमें अपने व्यक्तिगत विकास में वृद्धि करनी चाहिए। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसलिए कठिन मेहनत के साथ आगे बढ़ें। हमारा प्रयास हो कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दें। पेरम्बूर स्थित सीटीटीई महिला महाविद्यालय के प्रबंध न्यासी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. पलमलै ने यह बात कही।

चेन्नई. विभिन्न तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर हमें अपने व्यक्तिगत विकास में वृद्धि करनी चाहिए। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसलिए कठिन मेहनत के साथ आगे बढ़ें। हमारा प्रयास हो कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दें।


पेरम्बूर स्थित सीटीटीई महिला महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार
पेरम्बूर स्थित सीटीटीई महिला महाविद्यालय के प्रबंध न्यासी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. पलमलै ने यह बात कही। महाविद्यालय परिसर में दक्षिण भारत में हिंदी के विकास में मीडिया का योगदान विषयक सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुएआईएएस अधिकारी एल. पलमलै ने कहा आज के दौर में हिंदी की अहमियत बढ़ी है। इसे बढाऩे में हिंदी समाचार पत्रों का योगदान भी सराहनीय रहा है।

-सीटीटीई महाविद्यालय में सेमिनार
हिंदी विभाग के तत्वावधान में आयोजित सेमीनार में कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. आर. मीनाक्षी ने हिंदी की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए हिंदी विभाग की ओर से इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. ए. तस्लीम बानो ने स्वागत भाषण में कहा आज के दौर में हिंदी सीखना जरूरी होता जा रहा है। हिंदी ने रोजगार के द्वार भी खोले हैं। हिंदी मीडिया भी इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहा है। हिंदी समाचार पत्रों के माध्यम से भी हमें हिंदी सीखने का अवसर मिल रहा है।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं जैनत जैसन व महीरा बेगम ने समारोह का संचालन किया। छात्रा जैनत जैसन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

 

हिंदी मीडिया भी इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहा है। हिंदी समाचार पत्रों के माध्यम से भी हमें हिंदी सीखने का अवसर मिल रहा है। दक्षिण भारत में हिंदी के विकास में मीडिया का योगदान विषयक सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा आज के दौर में हिंदी की अहमियत बढ़ी है। इसे बढाऩे में हिंदी समाचार पत्रों का योगदान भी सराहनीय रहा है।

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