जिले की 671 आंगनबाडिय़ों का शासन ने 6 माह से नहीं दिया किराया,ताला लगाने की नौबत

जिले की 671 आंगनबाडिय़ों का शासन ने 6 माह से नहीं दिया किराया,ताला लगाने की नौबत
Women and Child Development Department

Dharmendra Singh | Publish: Jun, 20 2019 06:00:00 AM (IST) Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

महिला एवं बाल विकास जिला कार्यालय ने 2 साल से अटका रखा है कु छ केन्द्रों का भुगतान
जिले की 13 परियोजनाओं में संचालित हो रही 2058 आंगनबाड़ी

छतरपुर। जिले में महिला एवं बालविकास विभाग के तहत 13 परियोजनाएं संचालित हैं। इन परियोजनाओं के तहत जिले में 2058 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। जिनमें से ६७१ आंगनबाड़ी केन्द्र किराए के भवनों में संचालित है। लेकिन सभी आंगनबाडिय़ों को जनवरी से किराया का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं, कुछ परियोजनाओं की आंगनबाड़ी ऐसी भी है, जिनका किराया जिला कार्यालय तो आया लेकिन आंगनबाडिय़ों तक नहीं पहुंचा। कुछ परियोजनाओं में आंगनबाडिय़ों को 8 माह से 2 साल तक का किराया नहीं दिया गया है। कम वेतन में बाल विकास कार्यक्रम और पोषण आहार कार्यक्रम चला रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से किराया चुकाना पड़ रहा है। जिन आंगनबाडिय़ों की कार्यकर्ताओं ने अपने पास से किराया नहीं चुका पाया, वहां मकान मालिक आंगनबाड़ी खाली करने या ताला लगाने की धमकी दे रहे है।
ये हैं हालात
हरपालपुर में 15 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिनमें से 14 केन्द्र किराए के भवनों में चल रहे हैं। लेकिन इन केन्द्रों का पिछले पांच महीने से किराया नहीं दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने पास से किराया चुका रही हैं, ताकि आंगनबाड़ी में ताला न लग जाए। शासन से राशि आने के बाद उन्हें उनकी राशि मिल ही जाएगी, इसी उम्मीद में हर माह का किराया खुद दे रही हैं। वार्ड क्रमांक 1 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीनू दीक्षित व वार्ड क्रमांक 11 की कार्यकर्ता अंजली खरे ने बताया कि, जनवरी के बाद से किराया का भुगतान नहीं हुआ है। इसी तरह नौगांव की वार्ड क्रमांक 6 में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता वंदना खरे व वार्ड क्रमांक 2 की कार्यकर्ता अवधेश यादव ने बताया कि उन्हें पिछले 8 माह से आंगनबाड़ी का किराया नहीं मिला है।
घुवारा में दो साल से नहीं मिला किराया
घुवारा के वार्ड क्रमांक 5 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राकेश जैन ने बताया कि उन्हें पिछले दो साल से आंगनबाड़ी का किराया नहीं मिला है। वे अपनी पास से किराया चुकाकर आंगनबाड़ी संचालित कर रही है। मकान मालिक ज्यादा दिन किराया उधार नहीं करते हैं। ऐसे में अपने पास से किराया नहीं देंगे तो भवन खाली करना पड़ेगा। आंगनबाड़ी चलती रहे, इसलिए अपने पास से किराया इस उम्मीद में देते हैं, कि शासन से किराया आने पर मिल ही जाएगा।
फैक्ट फाइल
परियोजना का नाम कुल आंगनबाड़ी किराए में आंगनबाड़ी
गौरिहार 238 64
छतरपुर 159 25
छतरपुर नवीन 85 77
बक्स्वाहा 119 42
लवकुशनगर 218 67
राजनगर 127 40
राजनगर-2 153 49
बिजावर 235 75
नौगांव 144 49
नौगांव-2 137 52
बड़ामलहरा 150 53
बड़ामलहरा-2 142 52
ईशानगर 151 26
जांच कराई जाएगी
मंत्रालय से फंड रिलीज किया जाता है। छतरपुर जिले के लिए भी आंगनबाडिय़ों का किराया सभी जिलों के साथ भेजा गया था। अगर वहां 8 माह से 2 साल तक का किराया भुगतान नहीं किया गया है, तो मैं जांच कराई जाएगी।
महेन्द्र द्विेदी, संयुक्त संचालक,महिला एवं बाल विकास

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