रिश्वतखोर पटवारी को मिली पांच साल की कठोर कैद, 50 हजार का लगाया जुर्माना

सीएम आवास योजना में रिपोर्ट देने के एवज में मांगी थी रिश्वत

By: Neeraj soni

Published: 18 Dec 2018, 07:30 AM IST

छतरपुर. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत रिपोर्ट देने के एवज में पटवारी को पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडा़ था। कोर्ट ने मामले में पटवारी को दोषी करार देते हुए पांच साल की कठोर कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन कार्यालय द्वारा बताया गया कि 28 अप्रैल 2013 को गुधौरा गांव के रहने वाले फरियादी लोटन साहू और पंचू रजक ने पटवारी विनोद पांडेय के खिलाफ रिश्वत मांगने के संबंध में एसपी लोकायुक्त सागर को इस आशय की शिकायत की थी कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया था। जिसके संबंध में ग्राम पंचायत में पटवारी विनोद पांडेय से रिपोर्ट मांगी थी। पटवारी ने डेढ़ हजार रुपए पहले ही ले लिए थे, दो हजार रुपए की और मांग कर रहा था। पुलिस के निर्देशन में 30 अप्रैल को लोटन साहू ने पटवारी से बातचीत कर रिश्वत की बातें रेकॉर्ड की गई थीं। लोकायुक्त पुलिस 01 मई को लवकुशनगर फरियादी को लेकर पहुंची। फरियादी लोटन ने पटवारी के घर जाकर दो हजार रुपए रिश्वत राशि पटवारी विनोद पांडेय को दी। उसी दौरान लोकायुक्त पुलिस ने घेरकर पटवारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने कार्रवाई करके मामला न्यायालय को सुपुर्द किया।

विशेष न्यायाधीश आरके गुप्त की कोर्ट ने सुनाई सजा
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आशीष त्रिपाठी ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूतों को कोर्ट में पेश किया और कोर्ट से अपील करते हुए कहा की भ्रष्टाचार समाज के लिए बहुत घातक है। आरोपी को कठोर दंड दिया जाए। विशेष न्यायाधीश आरके गुप्त की कोर्ट ने फैसला सुनाया की लोकसेवकों द्वारा भ्रष्टाचार किया जाना। एक विकराल समस्या हो गई है। भ्रष्टाचार से समाज खोखला हो रहा है जो लोकतंत्र और कानून के शासन की नीव हिला रहा है। कोर्ट ने आरोपी पटवारी विनोद पांडेय को दोषी ठहराते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में चार साल की कठोर कैद और दस हजार रुपए जुर्माना और धारा 13(1)(डी), 13(2) में पांच साल की कठोर कैद के साथ 40 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद पटवारी को जेल भेज दिया।

Neeraj soni Reporting
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