राज्य के बजट को लेकर आम लोगों, व्यापारियों, युवाओं को राहत की उम्मीद

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए युवाओं को रोजगार, डीजल-पेट्रोल में वैट कम कर आम लोगों को मिले राहत

By: Dharmendra Singh

Published: 01 Mar 2021, 07:39 PM IST

छतरपुर। राज्य सरकार आज वित्तीय वर्ष 2-21-22 का बजट पेश करने जा रही है। वर्ष 20-20 के कोरोना संकट से उबरने के लिए लोगों को राज्य के बजट से बहुत सारी उम्मीदें हैं। व्यापारी वर्ग हो या आम आदमी, सभी पेट्रोल-डीजल की महंगाई से राहत के लिए वैट टैक्स कम करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, युवा रोजगार के अवसरों की तलाश में है। कॉलेजों की फीस में कमी के साथ कौशल विकास को बजट में ज्यादा जगह देने की उम्मीद लगाए हुए हैं। राज्य सरकार के आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की थीम को देखते हुए स्वरोजगार के अवसरों के बढऩे की उम्मीद सबसे ज्यादा बेरोजगार लगाए बैठे हैं।

ये कहना है लोगों का
वाहन हर किसी की आवश्यकता बन गए हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। पेट्रोल व डीजल पर लगने वाला वाले टैक्स को कम किया जाए, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके। बजट में ईंधन पर लगने वाले टैक्स में कमी की उम्मीद है।
शंकर सोनी, शहरवासी

बढ़ती बेरोजगार पर लगाम लगाना आवश्यक है। स्वरोजगार के लिए उद्योगों की स्थापना ज्यादा से ज्यादा हो। इससे युवाओं को रोजगार मिल सके। बजट में कृषि आधारित खाद्य प्रंसस्करण इकाईयों की स्थापना के लिए प्रयास हो। मंहगाई से निपटने के ठोस प्रयास हो।
कमलेश लखेरा, युवा

जिले में उद्योगों की ज्यादा से ज्यादा स्थापना हो इसके लिए सुविधाएं बढ़ाई जाए। इससे युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़े। बजट में युवा, किसान, कर्मचारी आदि का फोकस होना चाहिए।
रवि कुशवाहा, युवा

पेट्रोल व डीजल पर वेट कर की दर कम की जाए। अन्य राज्यों की तुलना में मप्र पर वेट कर की दर अत्यधिक है इसे कम किया जाए तो लोगों को राहत मिलेगी। वहीं वृत्तिकर को खत्म किया जाए तो सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतर हो सकता है।
मनमोहन पटेल, शहरवासी

महिलाओं के रोजगार के लिए विशेष योजना बने और उसका समय पर क्रियान्वयन हो। पेट्रोल व डीजल की कीमतों पर काबू हो। महंगाई नियंत्रित हो और घरेलू बजट पर खर्च कम हो ताकि कोरोनाकाल में लोगों को राहत मिले।
बिमला सोमन, गृहणी

बजट से आम आदमी को बड़ी उम्मीद है। प्रदेश सरकार को पेट्रोल और डीजल पर अपने मद का वैट कम करना होगा। इससे कीमतों में कमी आएगी। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते मूल्यों का असर जरूरी चीजों पर होता है।
विपिन अवस्थी, शहरवासी


कोरोना के कारण प्रदेश सरकार की स्वरोजगार योजनाएं बंद पड़ी हैं। इन्हें शुरू करने के लिए बजट में प्रावधान किया जाना चाहिए। पूर्व की उद्योगनीति में भी सुधार जरूरी है। कई तरह की सब्सिडी खत्म की गई हैं, यदि उन्हें चालू किया जाता है तो नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।
महेन्द्र नायक, शहरवासी


विद्यार्थियों की फीस माफ करने के लिए प्रावधान किया जाए। जीएसटी की सीमा बढ़ाई जाए। युवाओं के लिए आसान व्यवसाय स्थापित करने के लिए ऋण योजनाएं शुरू की जाए, ताकि हम आत्मनिर्भरता की तरह बढ़ सके।
गोलू मिश्रा, युवा


किसानों को फसलों के उचित दाम मिलने चाहिए। युवाओं को नए रोजगार सृजन की योजनाएं आए, ताकि वह व्यापार में आगे आ सके और अपने पैरों पर खड़े हो सके।
चितरंजन चौरसिया, किसान

बेरोजगारों के लिए अधिक से अधिक रोजगार तैयार हो। विद्यार्थियों के लिए फीस माफ हो, ताकि कोरोनाकाल में जो बजट का नुकसान हुआ है उसकी भरपाई हो। लंबित भर्तियां जल्द से जल्द हों।
नीलम तिवारी, शहरवासी

Dharmendra Singh
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