लॉक डाउन में 10 रुपए प्रति किलो मिलने वाली प्याज के दाम अनलॉक में पहुंचे 80 रुपए

प्याज की आवक घटने से दाम बढ़े
नासिक की प्याज की आवक बंद, सिर्फ इंदौर से हो रही सप्लाई , इसलिए बढ़े दाम
दो सप्ताह में ही दो गुने हो गए दाम, लॉकडाउन के बाद 8 गुना तक दाम में इजाफा

By: Dharmendra Singh

Updated: 27 Oct 2020, 08:54 PM IST

छतरपुर। लॉकडाउन के दौरान 10 रुपए प्रति किलोग्राम के दाम पर बिकी प्याज के दाम ने अनलॉक में आंखो में आंसू ला दिए हैं। पिछले दो सप्ताह में ही प्याज के दाम दो गुने हो गए हैं। वहीं, बीते चार माह में ही प्याज के दाम आठ गुना तक बढ़ गए हैं। नवरात्रि के पहले फुटकर में 40 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम मिलने वाली प्याज के दाम अब 80 रुपए प्रति किलोग्राम हो गए हैं। लोकल आवक न होने से सब्जियों के दाम पहले से ही बढ़े हुए हैं। वहीं त्योहारी सीजन में दाल व तेल के दामों में भी इजाफा हुआ है। इसी बीच प्याज के दाम बढऩे से किचन का बजट बिगडऩे लगा है।

बाहर की आवक घटने से बढ़े दाम
जिले में इंदौरा, नासिक व दक्षिण भारत से प्याज की बड़ी मात्रा में सप्लाई होती है। लेकिन कुछ दिनों से नासिक से प्याज की सप्लाई बंद है। केवल इंदौर से ही प्याज की आवक हो रही है। इधर मांग बराबर बनी हुई है, जिसके चलते दाम में लगातार इजाफा हो रहा है। प्याज के थो कारमोबर करने वाले दुकानदारों को मानना है कि प्याज व सब्ज्यिों के दाम दीपावली के बाद घटेंगे। जब लोकल बाडिय़ों से किसान की फसल बाजार में आएगी।

बागवानी कम होने का पड़ रहा असर
जिले में बागवानी का रकबा कम होने के कारण प्याज व अन्य सब्जियों का उत्पादन कम होता है। वही, लॉकडाउन में बाहर से लौटे प्रवासी मजदूरों के खेती से जुडऩे के कारण खेती का रकबा तो बढ़ा लेकिन बारिश की अनियमितता से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। जिससे किसानों ने सब्जी की बोबनी कम की है। ऐसे में उत्पादन कम होने से लोकल आवक फिलहाल बहुत कम है।ज्यादातर सब्जियां बाहर से मंगवाई जा रही है, जिससे उनके दाम बढ़े हुए हैं।

प्याज के स्टॉक की होगी जांच
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी स्वाति जैन का कहना है कि प्याज के दाम लगातार बढऩे की सुचना मिली है। नई गाइड लाइन के मुताबिक भंडारण किया जा सकता है, लेकिन उससे ज्यादा भंडारण करने पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि कृषि उपज मंड़ी सटई रोड पर 150 से ज्यादा थोक दुकानदार हैं, मंड़ी के बाहर भी बड़े दुकानदारों की दुकानें संचालित हैं। इसके अलावा पुराना गल्ला मंड़ी, बाइपास व कोल्ड स्टोरेज में भी स्टाक रखा गया है। जिसकी जांच अभी तक नहीं की गई है। बाहर से आवक कम होने व स्टॉक की जांच न होने से मुनाफाखोरी की आशंका बढ़ गई है।

Dharmendra Singh
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