जो लोग पेंशन लेने नहीं आ पाए बैंक, उनके घर तक पहुंचाए रुपए

लॉक डाउन के दौरान पंजाब नेशनल बैंक ने रुटीन काम के साथ दी घर पहुंच सेवा
इंडियन बैंक (इलाहाबाद बैंक) ने घर पहुंच सेवा के साथ वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट पर भी किया काम

By: Dharmendra Singh

Published: 28 May 2020, 08:00 AM IST

छतरपुर। लॉकडाउन के दौरान जब आम जनजीवन ठहरा हुआ था और व्यावसायिक गतिविधियां ठप थी, उस समय भी बैंक ने रुपया जमा और निकासी का काम जारी रखा। लॉक डाउन के दौरान मुसीबत आई तो बैंकों ने नई राह भी निकाली, लॉक डाउन 1.0 में सख्ती के दौरान कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट पर काम कराया और जब पेंशन व जनधन खाता की राशि वितरण की बारी आई तो बैंक की ब्रांच के साथ ही लोगों के घर तक बैंक मित्र पहुंचाकर उनतक राशि पहुंचाई। लॉक डाउन के दौरान आने-जाने में असमर्थ पेंशनधारियों के लिए बैंक की ये सुविधा राहत लेकर आई। इसके साथ ही ऋणी ग्राहकों की सुविधा के लिए पहले तीन माह और फिर 6 माह की किश्त को आगे बढ़ाया ताकि लोग लॉकडाउन में हुई आर्थिक क्षति के कारण बैंक डिफाल्टर न हो जाए। बैंक आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सेनेटाइजेशन व सोशल डिस्टेंसिंग मैनटेन करने के लिए बैंकों ने अतिरिक्त प्रयास किए, ताकि कर्मचारी और ग्राहक सुरक्षित रहें।
कर्मचारियों को दी वर्क फ्रॉम सुविधा, लोगों को घर पहुंच सेवा
शहर के जवाहर मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक ने लॉकडाउन के मुश्किल दौर में भी बैंकिंग सेवा जारी रखी। अप्रेल माह में लॉक डाउन की सख्ती के दौरान कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट पर काम कराकर उन्हें राहत दी। कर्मचारी घर बैठे ऑनलाइन व टेलीफोनिक पैटर्न से पुराने ऋ ण की वसूली, ग्राहकों के केवाईसी का अपडेशन, डेटा कंपाइल और बैंकि ंग पत्राचार का काम करते रहे। साखा में कार्यरत 11 कर्मचारियों में से आधे कर्मचारी बैंक आते और आधे घर से ही काम करते रहे। इसी बीच जब पेंशन और जनधन खाते के 500 रुपए के वितरण के लिए बैंक में भीड़ आने लगी तो सेनेटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए लोगों को रुपए उपलब्ध कराए। बाउचर व नोट में संक्रमण की आशंका के चलते बेहद सावधानी के साथ काम किया गया, ताकि किसी को भी स्वास्थ्यगत परेशानी न हो। इतना ही नहीं जो पेंशनधारी और जनधन खाता वाले बैंक आने में असमर्थ थे उन्हें भी घर पहुंच सेवा दी। बैंक मैनेजर सुनील दत्त ने बताया कि बैंक द्वारा 2 बैंक मित्रों को लोगों के घर तक रुपए पहुंचाने के काम में लगाया गया। जिनके द्वारा 1200 लोगों के घर तक करीब 12 लाख रुपए पहुंचाए गए। इससे बुजुर्गो को पेंशन के लिए बैंक आने की परेशानी से राहत मिली।
ब्राचं में लोगों की सुरक्षा का रखा ख्याल
पूर्व इलाहाबाद बैंक कहे जाने वाले इंडियन बैक ने भी लॉकडाउन के दौरान नई राहें निकाली। कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट पर काम कराकर संक्रमण काल की शुरुआत में सुरक्षा प्रदान की। बैंक के 8 कर्मचारियों में से आधे बैंक आते और आधे घर से ही खराब परफॉर्मेंस वाले लोन की रिकवरी, केवाइसी अपडेशन शॉटलिस्ट करने का काम करते रहे हैं। ताकि ग्राहकों को बैंक में रुपया जमा करने और निकालने में आधार की वजह से कोई रोड़ा न आए। लॉकडाउन के दौरान लोगों को अपने खाते में जमा रुपए के लिए परेशान न होना पड़े। इंडियन बैंक के छतरपुर ब्रांच के मैनेजर ह्देश दत्त ने बताया कि पेंशन व जनधन खाता के हितग्राहियों को बैंक आने में परेशानी न हो इसके लिए 2 बैंक मित्रों के जरिए 10 गांव के करीब 700 लोगों को पेंशन और 1600 लोगों को जनधन खाते में आए 500 रुपए उनके घर तक पहुंचाने का काम किया गया। जो लोग बैंक में आते उन्हें, सोशल डिस्टेंसिंग , मास्क व सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने की सुविधा व प्रेरणा दी गई। बैंक परिसर को समय-समय पर सेनेटाइज कराया गया। जिसके लिए हर बार 2200 रुपए का भुगतान भी किया गया।

Dharmendra Singh
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