अनाधिकृत अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ होगी कार्रवाई...सूची तैयार, जानें स्थिति

- शासन ने दस दिन के लिए दिया अंतिम अवसर

By: Dinesh Sahu

Published: 01 Jul 2020, 11:31 PM IST

छिंदवाड़ा/ छिंदवाड़ा समेत प्रदेश के विभिन्न शासकीय चिकित्सा संस्थाओं में महीनों से 173 डॉक्टर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित है। सीएमएचओ तथा सिविल सर्जन भी इस ओर गंभीर नहीं है, जिसके कारण शासन ने नाराजगी जाहिर की है। अब मप्र स्वास्थ्य संचालनालय ने ऐसे लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है तथा अनुपस्थित डॉक्टरों को दस दिन में कार्य पर वापस लौटने की हिदायत दी है, उसके बाद विभाग एक पक्षीय कार्रवाई कर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है।

अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में विभाग

मप्र स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई के निर्देशानुसार प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी बीमारी का प्रकोज जारी है, जिसके कारण विभागीय शक्तियों के आधार पर प्रदेश में डॉक्टरों की सेवा को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है। इसके चलते डॉक्टर सेवा देने से इनकार नहीं कर सकते है, पर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना एक प्रकार से सेवा से इनकार करना है।


शपथ-पत्र के साथ देनी होगी ज्वाइनिंग -


अनुपस्थित डॉक्टर यदि निर्धारित समय अवधि में ज्वाइनिंग देते है तो उन्हें नोटराइज शपथ-पत्र देना होगा। साथ ही नाम, पता, मोबाइल नम्बर, एमपी मेडिकल काउंसिल का रजिस्टे्रशन, लोक सेवा आयोग से चयन वर्ष एवं मेरिट क्रमांक, अनुपस्थिति दिनांक तथा वजह, अनुपस्थिति अवधि में न्यायालीन, पुलिस अभिरक्षा अथवा अन्य कोई दंड तो नहीं मिलना समेत नियमित सेवा में उपस्थित रहेंगे आदि का ब्यौरा देना होगा। सीएमएचओ तथा सिविल सर्जन को इसकी सूचना शासन को देनी होगी।

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