Black fungus: स्पेशल टीम करेगी निगरानी, इलाज के लिए बनेगा अलग वार्ड

जिला अस्पताल में मिले मरीज को भोपाल किया गया रैफर

By: prabha shankar

Published: 17 May 2021, 11:26 AM IST

छिंदवाड़ा। ब्लैक फंगस बीमारी की आशंका को देखते हुए कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम का गठन किया है। इसमें नेत्र, ईएनटी समेत मेडिकल विशेषज्ञ डॉक्टर किसी भी संदिग्ध मरीजों की जांच करेंगे। इसके लिए अलग से दवा का इंतजाम भी किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि जिला अस्पताल में एक संदिग्ध मरीज मिला था, उसे इलाज के लिए भोपाल रैफर किया गया है।

जुन्नारदेव, तामिया और पांढुर्ना भेजे कंसंट्रेटर
जिले में 110 ऑक्सीजन कंसट्रेटर प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा 50 और मिलने वाले हैं। फिलहाल जुन्नारदेव, तामिया और पांढुर्ना भिजवाए गए हैं। बिछुआ में भी 30 बेड के अस्पताल में भेजने की योजना बनाई जा रही है।

ब्लैक फंगस संदिग्ध को भोपाल भेजा
जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस का संदिग्ध मरीज पाए जाने पर उसे भोपाल मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया है। एक अन्य मरीज के अस्पताल में होने की जानकारी सामने आ रही है।

पोस्ट कोविड मरीजों व बच्चों के लिए अस्पताल में बनेंगे वार्ड, जल्द ओपीडी भी की जाएगी शुरू
कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस की बीमारी सामने आने के बाद उनके इलाज के लिए जिला अस्पताल में उनके लिए अलग वार्ड बनाया जाएगा तो वहीं बच्चों के सम्भावित केस को देखते हुए भी वार्ड बनेगा। यह जानकारी महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ.सुशील राठी ने बातचीत के दौरान दी। उनके अनुसार ब्लैक फंगस के संदिग्ध केस आने पर पहले उनकी जांच नेत्र, इएनटी और मेडिकल विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की जाएगी, फिर उन्हें जबलपुर-भोपाल के मेडिकल कॉलेज पहुंचाया जाएगा। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ऐसे केस की निगरानी भी करेगी। डॉ.राठी ने यह भी बताया कि पोस्ट कोविड मरीजों के लिए अलग से ओपीडी की तैयारी भी की जा रही है।

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