चिलचिलाती धूप में फ्रिज का पानी सेहत पर भारी, मटके के पानी का करें उपयोग

चिलचिलाती धूप में फ्रिज का पानी सेहत पर भारी, मटके के पानी का करें उपयोग

Mantosh Kumar Singh | Publish: May, 18 2019 12:43:15 PM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

आयुर्वेद के घरेलू नुस्खे दे सकते हैं राहत

छिंदवाड़ा. दोपहर की चिलचिलाती धूप से आकर फ्रिज का ठंडा पानी पिया तो यह आपकी सेहत के लिए घातक हो सकता है। इससे दांतों व मसूढ़ों में कमजोरी, गले में विकार, टॉन्सिल्स में सूजन के साथ सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियां होंगी। यह चेतावनी जिला अस्पताल के आयुष चिकित्सकों ने दी है। उनके मुताबिक इस समय लू, उल्टी दस्त, मुख सूजन, रूखापन, दौर्बल्यता, कै-दस्त, बुखार, नकसीर, जलन, पीलिया और यकृत विकार की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। यदि आहार-विहार घरेलू नुस्खों से स्वयं को सही रखा जाए तो बीमारियों से बचा जा सकता है। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी में हवा लू के रूप में तेज लपट की तरह चलती है। सूर्य की तेज गर्मी के कारण हवा और पृथ्वी में से जलीय अंश कम हो जाता है। सेहत में जरा सी भी लापरवाही किसी भी व्यक्ति के लिए भारी पड़ सकती है।

इनका रखें ध्यान
1. प्रात: सूर्योदय से पहले ही जागें। मॉर्निंग वॉक पर जाएं। शीतल हवा जहां आती हो वह सोएं।
2. जहां तक संभव हो, सीधी धूप से बचना चाहिए। सिर और आंखों को सूर्य की किरणों से बचाना चाहिए।
3. सिर पर चमेली, बादाम, रोगन, नारियल व लौकी का तेल लगाएं।
4. दो बार स्नान, ठण्डी जगह पर रहना, धूप में निकलने से पहले पानी पीना तथा सिर को ढककर जाना, बार-बार पानी पीते रहना, सुगन्धित द्रव्यों का प्रयोग करना चाहिए।
5. धूप, परिश्रम, व्यायाम,प्यास रोकना, रेशमी कपड़े, कृत्रिम सौन्दर्य प्रसाधन व प्रदूषित जल का सेवन अहितकर है।
6. सुबह-सुबह खाली पेट सवा लीटर पानी पीना चाहिए। इससे ब्लडप्रेशर, डायबिटीज़, दमा व टीबी जैसी बीमारियां भी नष्ट हो जाती है।
7. घर से बाहर निकलते समय एक गिलास पानी पीकर ही निकलना चाहिए। इससे लू लगने की सम्भावना नहीं रहेगी।
8. बाहर के गर्मी भरे वातावरण में से आकर तुरंत पानी नहीं पीएं।
9. रात को जगना पड़े तो एक-एक घंटे पर ठंडा पानी पीते रहें इससे उदार में पित्त और कफ का प्रकोप नहीं रहता।

ज्यादा मिर्च-मसालेदार भोजन नहीं करें
1. तीखे, खट्टे, कसैले एवं कड़वे रसवाले पदार्थ नहीं खाने चाहिए।
2. नमकीन, तेज मिर्च, मसालेदार तथा तले हुए पदार्थ बासी दही, अमचूर, आचार, सिरका व इमली आदि ना खाएं।
3. शराब पीना ऐसे तो हानिकारक है ही लेकिन इस ऋतु में विशेष हानिकारक है।
4. फ्रिज की जगह मिट्टी के मटके का पानी पिएं।
5. ठंडाई,घर का बनाया हुआ सत्तू ताजे, कच्चे दूध में पानी और शकर मिलकर पिएं।
6. पानी में नींबू निचोडकऱ बनाई हुई शिकंजी, खीर, दूध, कैरी, मौसम्मी, अनार, अंगूर खाएं।
7. ताजी चपाती, दलिया, खिचड़ी, छिल्केवाली मूंग की दाल, लौकी, गिलकी, चौलाई, परवल, केले की सब्जी, हरी ककड़ी, हरी धनिया, पुदीना व कच्चे आम को भूनकर बनाया गया मीठा पना व गुलकंद पेठा आदि खाना चाहिए।
8. संतरा, अनार, नींबू, खरबूजा, तरबूजा, गन्ना, नारियल पानी, मठा, जलजीरा, प्याज, कच्चा आम कैरी आदि का सेवन हितकर है।
9. हरड़ का सेवन गुड़ के साथ समान मात्रा में करना चाहिए। जिससे वात या पित्त का प्रकोप नहीं होता है।

लू, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ गए हैं
गर्मी में ड्रिहाइड्रेशन, मुख पाक, उल्टी दस्त, बुखार जैसी बीमारियां आम हैं। आयुर्वेद में दिए गए नुस्खे घर में उपयोग किए जाए तो सेहत बेहतर रखी जा सकती है। यह मुख्यत: हमारे खान-पान व आहार-विहार पर निर्भर है।
- डॉ. प्रियंका धुर्वे, आयुष चिकित्सक, जिला अस्पताल।

धूप से बचाव करें
इस मौसम में धूप से बचाव समेत अन्य उपाय आयुर्वेद में दिए गए है जिनका कनेक्शन हमारे घरों से जुड़ा है। इसका इस्तेमाल किया जाए तो बीमारियों से बचा जा सकता है। हर किसी को फ्रिज का ठंडा पानी से बचना चाहिए।
- डॉ. नितिन टेकरे, आयुष चिकित्सक, जिला अस्पताल।

 

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