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Good news: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तीन साल पहले आए थे छिंदवाड़ा, बिताए थे चार घंटे, जगी उम्मीद

locationछिंदवाड़ाPublished: Dec 12, 2023 12:22:06 pm

Submitted by:

ashish mishra

विश्वविद्यालय को मिल सकता है बजट, लग सकते हैं जिले के विकास को पंख

 

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छिंदवाड़ा. मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम की घोषणा होते ही छिंदवाड़ा जिले के लोगों में भी खुशी की लहर दौड़ गई। दरअसल तीन साल पहले 29 जनवरी 2021 को वे उच्च शिक्षा मंत्री के तौर पर छिंदवाड़ा आ चुके हैं। स्थानीय भाजपा नेताओं के बीच लगभग चार घंटे का समय भी उन्होंने बिताया था। स्थानीय नेता के घर खाना भी खाया था। छिंदवाड़ा को लेकर वे पूरी तरह वाकिफ है। मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश में लंबे समय तक उच्च शिक्षा विभाग मंत्री रहे। इसका फायदा भी उच्च शिक्षा को मिलेगा। उनके मुख्यमंत्री बनने से छिंदवाड़ा के विकास की आस जग गई है। छिंदवाड़ा में रूकी उच्च शिक्षा की परियोजना को पंख लगेंगे। डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, हार्टिकल्चर कॉलेज भवन के लिए जल्द से जल्द बजट भी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एग्रीकल्चर कॉलेज की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है। जिला मुख्यालय पर एक शासकीय कॉलेज एवं एक गल्र्स कॉलेज की सख्त दरकार है। एक शासकीय कॉलेज की घोषणा हो चुकी है। उम्मीद है कि गल्र्स कॉलेज भी खुलेगा। इसके अलावा जिले में ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा देने के लिए व्यवस्था भी बनाई जाएगी। इसके अलावा छिंदवाड़ा में अन्य रूकी हुई परियोजना को भी पंख लग सकते हैं।

तीन साल पहले के घोषणाओं के पूरा होने की उम्मीद
तीन साल पहले उच्च शिक्षा विभाग मंत्री के तौर पर डॉ. मोहन यादव छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने काराबोह डैम के पास 6.21 करोड़ की लागत से बने शासकीय लॉ कॉलेज एवं चांद में 6.50 करोड़ की लागत से बने शासकीय कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया था। इस अवसर पर मंत्री ने कई घोषणाएं की थी। पीजी कॉलेज का नाम पंडित अटल बिहारी वाजपेयी महाविद्यालय एवं विधि महाविद्यालय का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, चांद महाविद्यालय का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय करने की घोषणा की थी। शासकीय विधि महाविद्यालय में एलएलएम, बीए एलएलबी सहित अन्य विषयों को प्रारंभ करने, महाविद्यालय की बाउंड्रीवाल निर्माण जिला योजना एवं जनभागीदारी माध्यम से करने की बात कही थी। वहीं पीजी कॉलेज प्राचार्य द्वारा संस्कृत विषय में स्नातकोत्तर कक्षाओं का प्रारंभ, स्नातक स्तर पर संगीत, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, फाइन आर्ट, माईक्रोबायोलाजी, बायोटेक्नालाजी, कृषि विषय सहित अन्य विषय प्रारंभ करने, महाविद्यालय के खेल मैदान को स्टेडियम के रूप में उन्नयन, छात्र संख्या 9200 के आधार पर प्रत्येक विभागों में सहायक प्राध्यापक के दो-दो पद शासन स्तर पर स्वीकृत सहित अन्य मांग की गई थी। उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी मांगों को मानते हुये शीघ्र पूर्ण करने की घोषणा की थी। अब जबकि वे मुख्यमंत्री बन गए हैं तो सभी घोषणाओं के जल्द से जल्द पूरा होने की उम्मीद है।

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