health: शासकीय अस्पताल में दवाइयों का टोटा, जानें वजह

मौसम बदलते ही बढऩे लगे स्कीन रोगी

छिंदवाड़ा/ छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस से सम्बद्ध जिला अस्पताल में कई आवश्यक दवाओं का टोटा बना हुआ है, जिसकी वजह मरीजों को दवाइयां बाजार से खरीदनी पड़ रही है। वहीं मौसम के बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसकी वजह से अचानक चर्म रोग के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है।

मिली जानकारी के अनुसार सर्दी, खांसी और अस्थमा के मरीजों के लिए उपयोगी सालविटामान सायरप, एंटीबाइटिक अमोक्सी क्लेप-625एमजी, यूरिन इंफेक्शन की सीटाल सीरप तथा कान की ड्राप का टोटा विगत कई महीनों से बना हुआ है। स्थिति यह है कि डॉक्टर यूरिन इंफेक्शन के लिए मरीजों को सीटाल सीरप लिख रहे है, लेकिन दवा वितरण कक्ष से नहीं मिल पाने पर मरीज निराश हो रहे है। वहीं कानों के दर्द और इंफेक्शन से सुरक्षा के लिए कान की ड्राप के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।


प्रतिदिन औसत 60 मरीज प्रभावित -

जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसत 1000 मरीज उपचार के लिए पहुंचते है, जिसमें से करीब 60 मरीज चर्च रोग से प्रभावित बताए जाते है। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार चर्म रोग के उपचार के लिए प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों को एंटीबाइटिक दवा प्रदान की जा रही है।

आर्डर दिया गया है -


जिला अस्पताल के लिए कुछ दवाइयों की कमी होने पर बहुत पहले आर्डर दिया गया है, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हुई है। उम्मीद है कि शीघ्र ही दवा मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकेगी।

- डॉ. पी. गोगिया, सिविल सर्जन छिंदवाड़ा

Dinesh Sahu
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