Higher education: जटिल प्रक्रिया की वजह से अगले माह आएगा कॉलेजों का रिजल्ट

मूल्यांकन कॉलेज में भेजने की चुनौती है।

By: ashish mishra

Published: 21 Sep 2020, 12:52 PM IST

छिंदवाड़ा. कॉलेजों में स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष में अध्ययनरत रेगुलर विद्यार्थी परीक्षा समाप्त होने के बाद अब रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस बार कोरोना वायरस की वजह से ओपन बुक पद्धति से परीक्षा के बाद लीड कॉलेज के सामने सभी उत्तर पुस्तिकाओं को कॉलेजवार छांटने एवं फिर उसे मूल्यांकन कॉलेज में भेजने की चुनौती है। ऐसे में अक्टूबर माह के पहले हफ्ते से पहले रिजल्ट आने की उम्मीद नहीं लग रही है। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार बीते दिनों कॉलेजों में अध्यनरत स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर के रेगुलर विद्यार्थियों की ओपन बुक पद्धति से परीक्षा आयोजित की गई। विद्यार्थियों को 15 एवं 16 सितंबर तक संग्रहण केन्द्र में उत्तर पुस्तिका जमा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि तक विद्यार्थियों ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा अपलोड किए गए प्रश्नपत्र को डाउनलोड कर उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखने के बाद संबंधित कॉलेज एवं संग्रहण केन्द्रों में अपनी उत्तर पुस्तिका जमा की। उच्च शिक्षा विभाग ने लीड कॉलेज को ही उत्तर पुस्तिका जमा करने और फिर मूल्यांकन कराने की जिम्मेदारी दी है।


प्रवेश प्रक्रिया में हो सकेंगे शामिल
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेजों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया भी 5 अगस्त से आयोजित की जा रही है। स्नातक में प्रवेश का पहला चरण 8 सितंबर को समाप्त हो गया है वहीं सीएलसी प्रथम चरण 10 से 29 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। वहीं स्नातकोत्तर में प्रवेश का पहला चरण 13 अगस्त से 15 सितंबर तक आयोजित किया गया था जबकि सीएलसी प्रथम चरण 17 सितंबर से 5 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा और परिणाम न आने से विद्यार्थी स्नातकोत्तर में प्रवेश प्रवेश प्रक्रिया में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि रिजल्ट अगर समय पर आ जाएगा तो वे प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो पाएंगे।


इनका कहना है...
संभवत: सोमवार तक सभी कॉलेजों की उत्तर पुस्तिका आ जाएगी। इसके पश्चात कॉलेजवार उत्तर पुस्तिका छांटा जाएगा। मूल्यांकन के लिए गल्र्स कॉलेजों को जिम्मेदारी दी गई है। हमारा प्रयास है कि सितंबर के अंत तक मूल्यांकन कार्य पूरा कर अंक विश्वविद्यालय को भेज दिया जाए।
डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, लीड कॉलेज, छिंदवाड़ा

ashish mishra Desk
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