Lockdown 4.0: बोले कलेक्टर-बिहार का हूं, बदनाम ना करो

Lockdown 4.0: छात्रावास में रह रहे 99 मजदूरों ने घर वापसी के लिए मचाया था हंगामा, मजदूरों को छिंदवाड़ा से भोपाल तक बस, फिर हबीबगंज से ट्रेन मिलेगी पटना के लिए

By: prabha shankar

Updated: 24 May 2020, 05:59 PM IST

छिंदवाड़ा/ महाराष्ट्र से वापसी के दौरान छिंदवाड़ा में रोके गए बिहार के 99 मजदूरों द्वारा एक दिन पहले घर वापसी के लिए शेल्टर होम में हंगामा मचाए जाने की सूचना मिलने पर शनिवार को कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन पहुंचे और अनोखे अंदाज में उन्हें समझाते हुए कहा कि बदमाशी कर अपने राज्य का नाम बदनाम ना करो। मैं भी बिहार का हूं और यहां कलेक्टर हूं। प्रशासन ने छिंदवाड़ा से भोपाल तक बस का इंतजाम किया है और रविवार को भोपाल हबीबगंज स्टेशन से पटना के लिए ट्रेन मिल जाएगी।
कलेक्टर ने सीनियर उत्कृष्ट आदिवासी बालक छात्रावास में बनाए गए शेल्टर होम का निरीक्षण किया। इस शेल्टर होम में पुणे से छिंदवाड़ा आए बिहार के 99 प्रवासी श्रमिकों को लॉकडाउन के दौरान रखा गया। इस दौरान कलेक्टर ने मजदूरों से भोजन, पेयजल, सेनेटाइजर, हैल्थ चेकअप आदि के बारे में पूछताछ की। इन प्रवासी श्रमिकों को बसों से भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन भेजा जा रहा है, जहां से वे ट्रेन के माध्यम से सीधे पटना पहुंचेंगे। प्रवासी श्रमिकों के साथ भोपाल तक प्रत्येक बस में एक-एक अनुरक्षक भी भेज गया है। हालांकि हर मजदूर से 570 रुपए ट्रेन किराया लिया गया। इनमें से कई ऐसे थे जिनके पास पैसे नहीं थे। उन्होंने साथियों से उधार लेकर या खाते में घर वालों से रुपए मंगाकर किराया की व्यवस्था की।
कलेक्टर ने कहा कि हर राज्य के प्रवासी श्रमिकों को उनके राज्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। चूंकि बिहार की सीमा मप से नहीं लगी है, इसलिए इन प्रवासी श्रमिकों को ट्रेन से उनके गृह राज्य पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों से व्यवस्था के दौरान किसी से विवाद नहीं करने का आग्रह किया।

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